बंदूक की नोक पर तालिबान को मिली अफगान की कमान

डॉ कयूम खान द्वारा (एक समीक्षा )
आखिरकार 20 साल बाद फिर से तालिबान ने अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन का ऐलान कर दिया और मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद ने अपने को अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार का मुखिया एवं नया प्रधानमंत्री घोषित किया है और अब्दुल गनी बरादर को उप-प्रधानमंत्री का स्थान दिया गया है ।

इस कार्यवाहक नई सरकार में कुल 33 मंत्रियों को शामिल किया गया , लेकिन इसमें कोई भी महिला शामिल नहीं किया गया। क्यूँकि महिलाओं को पर्दे एवं घर की चारदिवारी मे रहनें का फरमान पहले ही सुना चुकी है। इस सरकार में अधिकतर जो मंत्री बने हैं वह किसी ना किसी आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

मंत्री मंडल इस प्रकार है-
कार्यवाहक प्रधानमंत्री -मुल्ला हसन अखुंद
उप प्रधानमंत्री – मुल्ला बरादर
गृह मंत्री -सिराजुद्दीन हक्कानी
रक्षा मंत्री -मौलवी मोहम्मद याकूब-
उप सूचना मंत्री -जबीहुल्लाह मुजाहिद-
विदेश मंत्री -आमिर खान मुतिक्की
शिक्षा मंत्री -मावलावी नूरुल्ला मुनीर
न्याय मंत्री -अब्दुल हकीम शरीय-
उच्च शिक्षा मंत्री -अब्दुल बाकी हक्कानी
ग्रामीण एवं विकास मंत्री -मुल्ला मोहम्मद यूनुस अखुंदजादा-
शरणार्थी मामलों के मंत्री -खलीलउर्हमान हक्कानी
लोक कल्याण मंत्री -मिल्ला अब्दुल मनन ओमारी
दूरसंचार मंत्री -नजीबुल्ला हक्कानी
पेट्रोलियम खनन मंत्री-मुल्ला मोहम्मद एसा अखुंद
जल एवं ऊर्जा मंत्री- मुल्ला अब्दुल लतीफ मंसूर
नागरिक उड्डयन मंत्री एवं परिवहन मंत्री-हमीदुल्लाह अखुंदजादा
संस्कृति मंत्री-मुल्ला खैरुल्लाह-
उद्योग मंत्री -कारी दिन हनीफ
हज मंत्री-मावलावी नूर मोहम्मद साकिब-
आदिवासी मामलों के मंत्री -नूरउल्लाह नूरी
उप विदेश मंत्री-शेर मोहम्मद स्टेनेकजई
उपर रक्षा मंत्री -मुल्ला मोहम्मद फाजिल
उप गृह मंत्री-मावलावी नूर जलाल
उप सूचना व संस्कृति मंत्री-जबीउल्लाह मुजाहिद
चीफ ऑफ आर्मी चीफ-कारी फसीहुद्दीन
सेना प्रमुख – फजल अखुंद
खुफिया विभाग के निदेशक-अब्दुल हक वासिक
खुफिया विभाग के उपप्रमुख- मुल्ला तजमीर जावद
खुफिया विभाग के प्रशासनिक उपप्रमुख -मुल्ला रहमतुल्ला नजीब
केंद्रीय बैंक के निदेशक-हाजी मोहम्मद इदरिस
राष्ट्रपति के प्रशासनिक कार्यालय के निदेशक-अहमद जान अहमदी
आतंरिक मादक पदार्थ निरोध मामलों के उपमंत्री -मुल्ला अब्दुलहक अखुंद

इस कार्यवाहक सरकार के स्वनिर्मित मंत्रिमंडल में हक्कानी नेटवर्क के एक नेता जिसे गृह मंत्री का प्रभार सौंपा गया है वह वैश्विक स्तर पर आतंकी लिस्ट में हैं।वहीं सिराजुद्दीन हक्कानी का नाम वैश्विक स्तर के आतंकवादियों की लिस्ट में रखा गया है जिसे अमेरिका ने उसके बारे में सूचना पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है और अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की वेबसाइट के अनुसार, 2008 में अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या करने की साजिश में जो कथित रूप से शामिल था। फिर भी कई देशों ने अपनी अपनी राय इस सरकार के बारे में दी है। जहाँ चीन कहता है कि तालिबान के इस कदम से ‘अराजकता’ का अंत हो गया है। वहीं ब्रिटेन, अमेरिका और रूस के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों ने काबुल में तालिबानी सरकार के गठन के बाद अफगानिस्तान की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भारत के साथ उच्चस्तरीय चर्चा भी है । लेकिन भारत के कुछ नेताओं के अपनी राय व्यक्त की जिसमें जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कुलगाम में कहा कि तालिबान हकीकत बनकर सामने आ रहा है। वो अगर अपनी छवि बदलता है तो दुनिया के लिए मिसाल बन सकता है। लिकन कई देशों में अफगनिस्तांन के राजदूतों द्वारा तालिवानी सरकार को मानने से इंकार कर दिया है ।


आने वाले समय में कितना सफल होते हैं या फिर से पुरानी स्थित बन पाती है क्यूँकि महिलाओं और आम जनता का प्रदर्शन जारी है लोगोँ पर गोलियों के बल पर इनकी आवाज दबाया जा रहा है। जहाँ के शिक्षा मंत्री ने कहा कि मास्टर डिग्री,पीएच .डी का कोई मतलब नही महिलाओं के बारे कहा ये घर पर रहें और बच्चे पैदा करें यही उनका काम है। सत्य तो यह है कि सरकार जनता के सहयोग से चलती है। लेकिन यहाँ जनता का विरोध है सहयोग नहींइस लिए सरकार का चलना संभव नही लग रहा है।

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