लेखपाल के कारनामो से आजिज हुए ग्रामीण

ब्यूरो रिपोर्ट

अमेठी के जामो गांव के लेखपाल राधिका प्रसाद के अजीबोगरीब कारनामो क्षेत्रीय जनता हलकान हो चुकी है। इनके रोज के नए नए कारनामे उजागर हो रहे हैं लेकिन अधिकारी इनके खिलाफ सबूत होते हुए भी कार्यवाही क्यों नहीं कर पाते हैं।

ताजा मामला शीतला प्रसाद पुत्र राधिका प्रसाद निवासी जामो के पिता की मृत्यु 1 साल पहले हो चुकी है जिनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी शासकीय नियमानुसार जारी हो चुका है। वरासत के लिए लेखपाल को नियमानुसार प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन साल भर दौड़ाने के बाद भी जमीन का वरासत नही किया। पीड़ित शीतला प्रसाद ने बताया कि वरासत के नाम पर अब 600 रुपये भी लिए है, अब अलग से खर्चे के लिये मांग कर रहे हैं। आखिर किस शासनादेश के अनुसार वरासत के पैसे लिये जा रहे हैं जबकि ये काम स्वतः निःशुल्क होता है।

लेखपाल से पीड़ित शीतला प्रसाद ने जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी गौरीगंज को वरासत कराने के लिये प्रार्थना पत्र दिया लेकिन लेखपाल राधिका प्रसाद के रसूख के आगे प्रशासन भी नतमस्तक हो चुका है। अब सवाल ये उठता है कि किसी की जमीन दूसरे के नाम कर देना व किसी की जमीन का वरासत न करना ही लेखपाल की नियति बन गयी है या मूक बधिर प्रशासन ऐसे कर्मचारी की कार्यशैली के विरुद्ध कोई कार्यवाही भी करेगा।

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