एक बेटी ने CM योगी को लिखा लेटर- योगी दादा जी, प्लीज मेरे पापा का वेतन दिला दो,

एक बेटी ने CM योगी को लिखा लेटर- योगी दादा जी, प्लीज मेरे पापा का वेतन दिला दो, हमारी पढ़ाई छूट गई है
यूपी में पराग डेयरी में काम करने वाले कर्मचारी को मानदेय न मिलने पर उसकी कक्षा आठ में पढ़ने वाली बेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो वर्ष पूर्व पत्र लिखा था। इसमें मानदेय दिलाने की मांग की थी।
उसके पापा को अभी तक न तो मानदेय मिला और न ही कोई मदद। दो वर्ष पूर्व लिखा गया पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे अब बेटियों को उम्मीद बंधी है कि शायद उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंच जाए।
भोपत पट्टी निवासी अजय कटियार(45) शहर के पांचाल घाट स्थित दुग्ध संघ उत्पादक सहकारी (पराग डेयरी) में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं। उन्हें करीब 20 माह से मानदेय नहीं मिला है। वह जिलाधिकारी से लेकर संघ के जीएम व अन्य आला अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनके परिवार में दो बेटियां आस्था कटियार (14) व सिद्धी कटियार (11), दो जुड़वां बेटे सार्थक (04) व सामर्थ (04) हैं। बेटों के जन्म के समय ही पत्नी की मौत हो गई थी। वे किसी तरह चारों बच्चों को पढ़ा रहे हैं। दो साल पहले उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते बेटियों की पढ़ाई रोकने की नौबत आ गई थी।
तब आस्था ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई थी लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई जवाब भी नहीं आया। किसी तरह अजय रिश्तेदारों व अन्य लोगों की मदद से बच्चों को पढ़ाते रहे। अब आस्था 10वीं कक्षा में सरस्वती विद्या मंदिर जबकि सिद्धी छठवीं में सेंट पीटर्स स्कूल में पढ़ रही है।
अजय कटियार 15 जुलाई को जिलाधिकारी मोनिका रानी से मिले और मानदेय दिलाए जाने की मांग की। साथ ही मार्च व अप्रैल में वह कानपुर पराग डेयरी के जीएम से मिलकर भी मदद की गुहार लगा चुके हैं। वह बताते हैं कि हर बार बजट नहीं होने की बात कह कर टरका दिया जाता है।

ये लिखा है पत्र में
योगी दादा जी सादर प्रणाम, दादा जी मैंने आपकी बहुत तारीफ सुनी है कि आप लड़कियों के काफी कार्य कर रहे हैं। बाबाजी हम दो बहनें तथा दो भाई हैं। मेरे पापा पराग डेयरी में श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे हैं लगभग एक वर्ष से पापा को वेतन नहीं मिल रहा है। मेरी मम्मी की दो साल पहले मृ’त्यु हो गई थी। इससे मेरी व मेरी बहन की पढ़ाई छूट गई है। मैंने आठवीं क्लास अच्छे नंबरों से पास कर ली है। लेकिन मैं अब आगे पढ़ना चाहती हूं। पर मेरे पापा की मजबूरी है।
मैंने सुना है कि आप लड़कियों के लिए काफी कुछ कर रहे हैं। मैं बहुत उम्मीद के साथ आपको लिख रही हूं, कि आपके सहयोग व आशीर्वाद से मेरी व मेरी बहन की पढ़ाई पूरी हो सके। जिंदगी भर आपकी आभारी रहूंगी।

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