रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर : अब चलती ट्रेन में भी दर्ज होगी FIR मिलेंगी कई सुविधाएं

संतोष तिवारी

रेल यात्रा के दौरान बढ़ते क्राइम पर कंट्रोल करने और साथ ही, यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए जीआरपी भोपाल सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक ऐप लॉन्च किया है। इस एप का नाम जीआरपी एमपी हेल्प ऐप (GRP MP Help) है। ऐप की मदद से यात्री स्टेशन पर ही नहीं बल्कि चलती ट्रेन में भी हर संभव मदद प्राप्त कर सकेंगे। यानी सफर के दौरान किसी भी तरह की शिकायत करने यात्री को ट्रेन से उतरकर जीआरपी थाने जाकर शिकायत कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐप पर शिकायत करते ही आपकी FIR चलती ट्रेन में ही रजिस्टर्ड हो जाएगी।

ऐप इस तरह कर सकते हैं डाउनलोड

GRP MP Help Aap गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जिसे आप अन्य मोबाइल ऐप्स की तरह अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप रजिस्टर्ड करने के लिए सिर्फ यूजर को अपना मोबाइल नंबर इसमें अपलोड करना होगा। मोबाइल नंबर अपलोड करते ही फोन जीआरपी कंट्रोल रूम से कनेक्ट हो जाएगा। अपराध से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर ऐप के माध्यम से शिकायत की जा सकेगी। इसमें कुछ जानकारियां देनी होती हैं। उसके बाद उसे सबमिट कर दे। कंट्रोल पर आई फोन की लोकेशन के अनुसार यात्री को तत्काल मदद पहुंचेगी।

ट्रेन से उतरने की जरूरत नहीं

जीआरपी पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी के मुताबिक, अब यात्री को किसी भी समस्या के दौरान पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए ट्रेन से उतरने की जरूरत नहीं। इस सुविधा का लाभ भोपाल से गुजरने वाली ट्रेन के यात्रियों को मिलेगी। इस तरह शिकायत दर्ज कराने पर यात्री को तत्काल मदद पहुंचाई जा सकेगी। इसमें वह चोरी, लूट, डकैती, जहरखुरानी, छेड़छाड़, संदिग्ध व्यक्ति, संदिग्ध वस्तु और नशा करके यात्रा करने वालों समेत अन्य तरह के अपराध जैसी कोई भी शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलते ही यात्री की सीट पर ही पुलिसकर्मी पहुंच जाएगा। ऐप की मदद से आप सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो भी अटैच कर सकते हैं।

इस तरह किया जा सकेगा ऐप का इस्तेमाल

ऐप में सभी तरह की शिकायतों के लिए अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं। उस पर क्लिक करते ही आप अपनी शिकायत भेज सकते हैं। इमरजेंसी होने पर एसओएस के बटन का उपयोग करके भी मदद बुलाई जा सकती है। ऐप में सभी संबंधित अधिकारियों के नंबर भी दिए गए हैं, ताकि यात्री सीधे संबंधित अधिकारी को फोन कर मदद ले सकते हैं।