कब आएंगे आपके खाते में 15 लाख रुपये? जानिए इस सवाल पर PMO का जवाब

नई दिल्लीः साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रभावी प्रधानमंत्री ने जनता से वादा किया था कि, उनकी सरकार आने पर हर गरीब के खाते में 15 लाख रुपये आएंगे। जिसका इंतजार शायद हर किसी को है, और उनके मन में पीएम के लिए ये सवला भी होगा कि, आपकी सरकार भी आ गई और आगामी नए विधानसभा चुनाव का समय भी लेकिन वो 15 लाख खातों में कम कब तक इसकी तारीख बता दीजिए।

 

इसी तरह का प्रश्न RTI ने भी किया है। जिसमें पूछा गया है कि, खातों में कब 15 लाख रुपये आएंगे। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ये जानकारी सूचना आयोग को बताया गया कि, ये सूचना के अधिकार कानून के दायरे में नहीं आता है। सूचना के अधिकार कानून (RTI) के तहत मोहन कुमार शर्मा ने 26 नवंबर 2016 को आवेदन देकर 15 लाख रुपये संबंधी जानकारी मांगी थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान शर्मा ने मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर को बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी। इस पर जवाब देते हुए माथुर ने बताया ‘पीएमओ ने कहा है कि मोहन कुमार द्वारा मांगी गई जानकारी आरटीआई एक्ट के सेक्शन 2(f) के तहत सूचना की परिभाषा में नहीं आती है’।

 

बता दें कि आरटीआई ऐक्ट के सेक्शन 2 (F) के तहत सूचना का मतलब कोई भी सामग्री होती है जो रेकॉर्ड्स, दस्तावेज, मेमोज, ईमेल्स, राय, सलाह, प्रेस रिलीज, सर्कुलर्स, ऑर्डर्स, लॉगबुक्स, रिपोर्ट्स, पेपर्स, नमूने, मॉडल्स, डेटा के तौर पर होती है। इसके अलावा किसी निजी संस्था से जुड़ी सूचनाएं भी होती हैं जो कानून के तहत सरकारी अथॉरिटी के दायरे में आती है।