तूतीकोरिन हिंसाः हिंसा में दम तोड़ती जिंदगियां! हाईकोर्ट ने दिया शवों को सुरक्षित रखने का आदेश

तूतीकोरिन: पिछले कई दिनों से तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर प्लांट को लेकर जारी प्रदर्शन हिंसा का रूप ले चुकी है। इस हिंसा में अभी तक कुल 13 लोंगो की मौत की भी खबर है, वहीं 70 से ज्यादा ग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहें है। दूसरी तरफ विरोध- प्रदर्शन को लेकर प्लांट बंद हो गया है जिसका सीधा असर 32,500 लोगों की नौकरियों पर देखा जा रहा है।

 

आंकड़ो के मुताबिक, इनमें 3,500 लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, जबकि 30 से 40 हजार लोगों की नौकरियों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव देखा जा रहा है। बता दें कि, हिसा के चलते बुधवार रात से ही इलाके में इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं। इससे पहले ही तूतीकोरिन में धारा 144 लागू की जा चुकी है।

 

इसके अलावा बड़े पैमाने पर हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने 67 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि तूतीकोरिन में मारे गए लोगों के शव अगले आदेशों तक सुरक्षित रखे जाएं। इस हिंसा के चलते पिछले कई दिनों से सभी दुकानें भी बंद पड़ी है।

 

वहीं, इस मुद्दे को लेकर डीएमके ने राज्यभर में 25 मई को बंदी का ऐलान किया है। इसके साथ ही पार्टी वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट को हमेशा के लिए बंद करने का भी मुद्दा उठाया जाएगा।

 

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड की स्टरलाइट कॉपर तांबे को ढालने का काम करती है और तूतीकोरिन स्थित इस प्लांट से सालाना करीब चार लाख टन तांबा ढाला जाता है। वहीं, कंपनी अपने इस उत्पादन को बढ़ाने के फिराक में जुटी हुई है। जबकि, वहां के स्थानीय लोगों का कहना  कि, कंपनी के कारण उनका पूरा इलाका दूषित हो गया है। जिससे लोगों में तरह-तरह की बीमारियां फैल रही है।