50 बरस की सास ने दान की किडनी, बहू को दिया नया जीवनदान

New Delhi: एक तरफ जहां हर दिन सास-बहू की चिकचिक से हर घर में लड़ाई-झगड़े के किस्से सुनने के लिए मिलते रहते हैं, वहीं, एक सास ने इंसानियत की एक नई मिसाल कायम की है। पुणे की रहने वाली एक 50 साल की बुजुर्ग महिला ने अपनी बहू के लिए अपनी किड़नी दान कर दी। पुणे की रहने वाली 30 साल की नज़मा का कहना है कि, उन्हें इनकी सास की वजह से एक नया जीवन मिला है।

 

उनकी सास ने न सिर्फ उनकी जान बचाई है बल्कि, उनके साथ ही दो और लोगों को भी जीवनदान दिया है। सास-बहू दोनों ही पुणे के संगमनेर की रहने वाली है। नज़मा का कहना है कि, उनकी किडनी खराब हो गई थी। डॉक्टरों का कहना था कि, सिर्फ किडनी ट्रांसप्लांट से ही नज़मा की जान बचाई जा सकती है।  जिसके बाद उनकी 50 साल की सास बतुल हाजी सैय्यद ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया।

 

जिसके बाद 15 जून को पुणे के जहांगीर अस्पताल में नज़मा की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। नज़मा का एक बेटा भी है। नज़मा फरवरी 2016 से ही नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ श्रीनिवास अंबिक की मरीज थी। नजमा कहती हैं कि, शुरू-शुरू में उन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड और हाई बल्ड प्रेसर की समस्या थी। लेकिन उनके टेस्ट में उनका क्रिएटिनिन लेवल काफी हाई पाया गया। रिपोर्ट में ये 5.6 के स्तर पर था।

 

इसके इलाज के लिए नज़मा को हफ्ते में दो दिन पुणे जाना पड़ता था। ऐसे में उनकी सास ही उनके बेटे और घर का ख्याल रखती थी। 50 साल की सास का कहना है कि, जब उन्हें पता चला की उनकी एक किडनी से उनके बेटे, पोते और बहू की जिंदगियां बच सकती है तो उन्होंने अपनी किडनी दान करने का फैसला लिया। उन्हें अपनी किडनी दान करने से कभी कोई ऐतराज नहीं था।

 

नजमा की सर्जरी करने वाले डॉ. दीपक किरपेकर का कहना है कि, इस केस से पहले उन्होंने सिर्फ सास और बहू के बीच लड़ाई-झगड़ों को ही देखा था। ये पहली बार देखा जब एक सास ने अपनी बहू को नया जीवन दिया है।

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