पत्रकार को गाली और धमकी के मामले में बिजली विभाग की भूमिका सन्दिग्ध

*पत्रकार को गाली और धमकी के मामले में बिजली विभाग की भूमिका सन्दिग्ध-!*
*9 अगस्त को भोपाल में 22 पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शन में जोरदार ढंग से उठेगा पत्रकार को धमकी देने का मामला-!*


*पत्रकार रमेन्द्र पांडेय*
*(राष्ट्रीय अध्यक्ष)*
*”A I U W J U”**
*शक्तिनगर।सोनभद्र*
विगत दिनों विजली विभाग का एक कर्मचारी ने भाजपा नेता एवं पत्रकार को उनके एक सहयोगी के सेल फोन पर 12 मिनट तक गाली गलौज और धमकी देने का मामला अब धीरे धीरे तूल पकड़ने लगा है।

राष्ट्रीय संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ(AIUWJU) ने इसे गम्भीरता से लिया है।
पत्रकार यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पत्रकार रमेन्द्र पांडेय ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच करा कार्यवाही नही की गई तो इसके खिलाफ आंदोलन भी छेड़ा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को भोपाल में पत्रकारों के 22 संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन पत्रकार सुरक्षा कानून बनाये जाने की मांग को लेकर होने जारहा है।
जिसमे पत्रकार के सी शर्मा को विजली विभाग के कर्मी द्वारा दिया गया गाली और धमकी का मामला बड़ा मुद्दा बन सकता है।

*धमकी दिलाने वाले जे ई को बचाने में लगा है विभाग!*

सूत्रों पर यदि भरोसा करे तो इस गाली और धमकी के पीछे इलाके के जे ई का ही हाथ होना बताया जा रहा है,
लोगो का कहना है कि वगैर विभागीय संरक्ष्ण के व वीना किसी विभागीय अधिकारी के सह पाए एक सप्ताह पूर्व यहा स्थानांतरित होकर आए धमकी देने वाला अदना कर्मचारी की हिम्मत गाली और धमकी देने की नही हो सकती है।

ज्ञात हो कि महीनों से उर्जान्चल के शक्तिनगर परिक्षेत्र में विजली के वेपटरी होने की खबरो का एपिसोड चलाये जाने से कहते हैं वौखलाये इलाके के जे ई ने ही पर्दे के पीछे से इसकी ब्यूह रचना की होगी।
क्यो की घटना क्रम के बाद उभरे तथ्य के आधार पर घड़ी की सुई भी घूम फिर के जे ई के इर्द गिर्द जा के ही रुक जाती है।
जो गहराई से जांच का विषय है। आकंठ भ्र्ष्टाचार में डूबे इस विभाग
का यह जेई भी अपने विभागीय अधिकारियों का संरक्ष्ण प्राप्त कर वे वेख़ौफ़ घूम रहा है।

*कई दिन बीत जाने के बाद भी विभाग के उच्चाधिकरी “कान” में तेल डालें, “आँख” मूदे, “हाथ पर हाथ” रखे मौन हैं!*
कई दिनों बीतने के बाद भी विभागीय कार्यवाही का न होना यह बताने के लिए पर्याप्त है कि इस खेल में कई लोगो की संलिप्तता है?
सरकारी अर्ध सरकारी कर्मचारी या अधिकारी पब्लिक सर्वेन्ट यानी जनता के सेवक होते हैं।उनके सर्विस रूल के नियमो के अनुसार अपने को विभाग का अधिकारी बता गाली देना,फर्जी बील भेजने की धमकी देने,उपभोक्ताओं के खिलाफ थाने में मुकदमा लिखवा जेल भेजवाने की धमकी देंना,भाजपा और भाजपा नेताओं व पत्रकार को देख लेने की धमकी देना, क्या सर्विस रूल का उलंघन नही है क्या?
क्या इससे विभाग की क्षबि नही गिरी है क्या?
क्या यह अनुशासन हीनता नही है क्या?
आदि अनेकों प्रश्न अनुत्तरित विजली विभाग के उच्चाधिकरी के समच्छ उत्तर की प्रतीक्षा में खड़े हैं।
जिस पर सब की नजरे टिकी हुई है।
*कार्यवाही की मांग!*

*”राष्ट्रीय संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ”( AIUWJU) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र कार्यवाही किये जाने किये जाने की मांग की है!*

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