पत्रकार को धमकी दिलाने वाला असली सूत्रधार अकूत सम्पत्ति का मालिक इलाके का जे ई तो नही ।

*पत्रकार को धमकी दिलाने वाला असली सूत्रधार अकूत सम्पत्ति का मालिक इलाके का जे ई तो नही?*


*धीरे- धीरे खुलना शुरू हो*
*गया धमकी दिए जाने का परत दर परत एक- एक सूत्र-!*

*शक्तिनगर।सोनभद्र।*

गत दिनों बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा पत्रकार एवं वरिष्ठ भाजपा नेता के सी शर्मा को उनके एक सहयोगी के सेल फोन पर अर्धरात्रि में दिये गए धमकी और गाली दिए जाने के एक- एक तार अब खुलने शुरू होगये हैं।

सूत्रों पर भरोसा करें, तो टी जी 2 बब्बू दुबे के एक करीबी का नाम न छापने और कही उसका जिक्र न आने की शर्त पर बताया की बब्बू को जेई ने कहा यह पत्रकार तो एक माह से नाक में दम कर दिया है।
तुम स्थानीय आदमी हो इसका कुछ इलाज करो ।
यह ताना बुना कई दिनों से धमकी देने वाले कर्मचारीऔर जेई में ताना बुना रचा जारहा था।
बाकी सब देख लेने का जेई ने कर्मचारी को भरोषा दिया था।
धमकी दी जाने वाले दिन व रात में पत्रकार की रेकी भी की गई, परन्तु उस दिन पत्रकार प्रतिदिन की भांति अपने निर्धारित समय के अनुसार कार्यालय पर नही गया।
उस दिन अन्य कार्यक्रम में उर्जान्चल के एक होटल में11 बजे तक था और अपने मित्र की गाड़ी से अपने घर 12 बजे रात पहुच गया ।
फिर बौखलाया धमकी देने वाला कर्मी पत्रकार के एक सहयोगी के सेल फोन पर 12 मिनट तक आपत्तिजनक गली और तरह तरह की धमकी दी।
उसने घरसडी और चन्दूवार गांव के पूरे लोगो को गाली दी और धमकी दी तथा लोगो पर रौंब गांठते , धौस जमाते हुये बेख़ौफ़ अपमी हनक ग्रामीणों में जमाने के लिए भौकाल दिखा ही दिया।जो काल रिकार्डिंग की क्लिप में स्पष्ट सुना जा सकता है।

*जेई ने पल्ला झाड़ किया अपना हाथ खड़ा!*

धमकी और ऑडियो की काल रिकार्डिंग की क्लिप वायरल होते ही पूरे बिजली विभाग सहित क्षेत्र में हफकम्प मच गया।
जब इसकी खबर चली और सूबे के ऊर्जा मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को टीयूट की गई और उन्हें खबर और ऑडिवो भेजा गया।
तो इसके बाद सोनभद्र जिले के विजली विभाग और प्रशासनिक हलके में हरकत शुरू हो गई।
जो समाचार लिखने तक जारी देखा गया।

*जेई की भूमिका सन्दिग्ध होने के कई सूत्र अब स्पष्ट परिलक्षित होने लगे है!*

इलाके के इस जेई की भूमिका इस लिए भी सन्दिग्ध प्रतीत होती है कि यह पत्रकार तो गत एक महीने से बिजली के बेपटरी,भ्र्ष्टाचार, कटौती,अवैध हजारो कनेक्शन आदि पर समाचारों का एपिसोड महीनों से चला रहा था, जिससे यह जेई बौखला चुका था और मौके की तलास में था, क्यो की वह खुद सामना करने की हिम्मत नही जुटा सका था। तो उसे मौके की तलास था ।
जिसका उसको तलास था ,वह तब पूरी होती दिखी जब एक शक्तिनगर क्षेत्र का निवासी प्रोन्नति पाकर सप्ताह भर पहले स्थान्तरित होकर यहा एक नोडल अफसर होकरआया।
उसे वह साध कर यह खेल उसके कंधे पर बंदूक रख के खेल दिया।
लेकिन जब फसने की नौंबत आयी तो पल्ला झाड़ के किनारे होगया और सारा ठीकरा टी जी 2 पर फोड़ते हुए किनारे होगया।लेकिन कई सबूत चीख चीख कर जेई के असली सूत्र धार होने का सबूत पेश कर रहे हैं।

*जेई ने एक तीर से साधे दो निशाने!*

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब धमकी देने वाला कर्मचारी अनपरा क्षेत्र में कार्यरत था तब दोनो में बड़े ही कटु सम्बन्ध थे,परन्तु जब इस कर्मचारी का प्रमोशन होकर शक्तिनगर क्षेत्र मे होगया और रेवेन्यू कलेक्शन तथा मेन्टेन्स का प्रभारी बन गया तो जे ई इसे स्थानीय आदमी के हथियार का इस्तेमाल कर,स्थानीय सत्ता पार्टी के नेता और पत्रकार को सबक सिखाने की ठान ली और अपने मिशन का असफल प्रयास किया जो उल्टा पड़ गया।

इस जे ई के काले कारनामो का लम्बा कला चिठ्ठा है जो क्रमशः लगातार आगे मिलता रहेगा और इनके नामी बेनामी सम्पतियों का आकड़ा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए इसके काले पतित चेहरे से नकाब आगे सबूतों के साथ उतारा जाता रहेगा।

*लाखो के खेल के बंदर बाट की सौदेबाजी का खेल हुवा फेल!*

सूत्रों पर अगर भरोषा करे तो उर्जान्चल के शक्तिनगर परिक्षेत्र में बिजली विभाग के जे ई की काली कमाई कई लाख रुपये प्रति माह है, इस लिए वे खिलाफत करने वालो को अपने गुर्गों से समय समय पर सबक सीखाते रहते हैं। जिससे लोग ख़ौफ़ जदा रहते हैं।
आपको बता दे इसके पहले जो जे ई था जो35 लाख की गाड़ी से खुद चलता था और उसके बाउंसर तथा सुरक्षाकर्मी दो गाड़ियों से पीछे चलते थे।
वह भी अकूत सम्पत्ति इस क्षेत्र से जुटाया।
एक जेई अगर कई लाख रुपये अपने शान शौकत और रूवाब पर लाखो रुपये प्रति माह खर्च करता हो तो उसकी प्रति माह काली कमाई कितने लाख होगी, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

*एक सप्ताह पहले इस क्षेत्र में ट्रांसफर होकर आए अदना से श्रमिक की नही हो सकती गाली और धमकी देने की औकात?*

अगर सूत्रों पर भरोषा करे तो इसके पीछे इलाके के जेई की ही भूमिका हो सकती है, क्यो की जांच होने पर उसे ही लाखो रुपये का नुकसान हो सकता था, यह कर्मचारी तो एक सप्ताह पहले ही आया था ,तो आते उसे क्या हो जाएगा कि वह यह दुस्साहस करने की जुर्रत कर ले।

सूत्रों से मिल रही जानकारी तो असली सूत्रधार जे ई की ओर ही घड़ी की सुई रह रह कर घुमा रही है।

*जे ई के भूमिका की जांच उसे निलंबित कर होनी चाहिये!*

सारे तथ्यों को ध्यान में रख जेई को निलंबित कर उसके भूमिका की गोपनीय जांच होनी
चाहिए।
क्यो की होसकता है उसने पैसे की गर्मी में पत्रकार को सबक सिखाने के लिए सुपारी तो नही दी है,
क्यो की हवा में यह भी चर्चा है।
इस जे ई और पूर्व जेई के भ्र्ष्टाचार से बटोरी गयी नामी बेनामी अकूत सम्पत्ति की, और जरायम की दुनिया मे इनके गठजोड़ की भी जांच होनी चाहिये।

*पत्रकार महासंघ ने की जांच और कार्यवाही किये जाने कि मांग!*

*”राष्ट्रीय संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ”*
( AIUWJU)
ने सूबे के मुख्यमंत्री योगिआदित्यनाथ से शीघ्र आवश्यक कार्यवाही एवं उच्चस्तरीय गोपनीय जांच कराये जाने की मांग की है।
थिंक मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र
अनूप कुमार साह रीजनल हेड मिर्जापुर उत्तर

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