आसाराम के घिनौनी करतूतों से साधु-संतों की छवि खराब हुई है- अदालत

नई दिल्लीः रेप दोषी आसाराम की करतूत सामने के बाद अब देश के तमाम साधु-संतों पर भी शक की सुई घूमने लगी है। आसाराम को एक नाबालिग लड़की से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पीड़ित लड़की उन्ही के आश्रम में पढ़ने के लिए आती थी। वहीं, सजा सुनाने वाली जोधपुर की एक विशेष ‘पॉक्सो’ अदालत ने कहा है कि ‘‘संत कहे जाने के’’ बावजूद आसाराम ने घृणित अपराध किया और संतों में लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई।

 

बता दें कि, एक साल के भीतर ये दूसरा मामला है, जब देश में किसी स्वयंभू बाबा को बलात्कार के अपराध में अदालत ने दोषी करार दिया गया है। इससे पहले राम रहीम को भी साध्वियों से रेप मामले में जेल की सजा सुनाई गई है।

 

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अदालत के विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने 453 पन्नों के अपने फैसले में इस बात को लेकर दुख जताया कि आसाराम ने अपने घृणित कृत्य से ना केवल अपने अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचायी, बल्कि आम लोगों में संतों की प्रतिष्ठा भी धूमिल की।

 

इस रेप मामले में कोर्ट ने आसाराम के साथ ही अन्य दो आरोपियों को भी 20-20 साल की सजा सुनायी है।

 

कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई की, पीड़िता के परिवार वालों को आसाराम पर इतना भरोसा था कि, उसने अपनी बेटी के साथ बेटे को भी आश्रम में पढ़ने के लिए भेजा था।

 

पीड़िता का कहना है कि, आसाराम ने उसके साथ रेप किया और उसे धमकी दी कि अगर उसने अपना मुंह खोला तो उसके परिवार वालों को जान से मार दिया जाएगा।