विद्यालय प्रबंधन के सामने प्रशासन हुआ मौन,,, बड़ी घटना के इंतजार में बैठे आला अधिकारी*


*विद्यालय प्रबंधन के सामने प्रशासन हुआ मौन,,, बड़ी घटना के इंतजार में बैठे आला अधिकारी*

संभागीय मुख्यालय रीवा शहर में निजी स्कूलों के आगे नतमस्तक रहता है जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम। एक जमाने से शहर की नामचीन निजी स्कूलों का लापरवाह प्रबंधन वाहन पार्किंग के रूप में अवैध रूप से सड़कों का प्रयोग कर रहा है। इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि बच्चे कैसे विद्युत ट्रांसफार्मर के अगल-बगल से निकल रहे हैं वही यह समय बरसात का है जहां पर खंभों में करंट दौड़ता है,, क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में बैठा है। कलेक्टर, एसपी और नगर निगम आयुक्त की महत्वपूर्ण कुर्सी पर समय समय पर अधिकारी आते जाते रहे पर कोई भी यातायात व्यवस्था को अवरूद्ध करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। जबकि नियमित रूप से शहर के रीवा- इलाहाबाद रोड पर ज्योति स्कूल, गुढ रोड पर फोमेंस स्कूल, अमहिया रोड पर बाल भारती और जेल रोड पर बीएनपी और सरस्वती स्कूल की मनमानी यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन गई है। इसके बावजूद जिला प्रशासन, रीवा पुलिस और रीवा नगर निगम तमाशा देखने के अलावा सुधार की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। स्कूल के लगने और छुट्टी होने के दौरान करीब एक घंटे तक यातायात व्यवस्था अवरुद्ध हो जाती है। जिससे आम जनता को हमेशा परेशानी झेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

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