उर्जान्चल की ग्राम पंचायते पार्ट-2:-

*उर्जान्चल की ग्राम पंचायते पार्ट-2:-*

*सोनभद्र:- म्योरपुर विकास खण्ड के अंतर्गत उर्जान्चल की ग्राम पंचायतों में है ब्यापक भ्र्ष्टाचार-!*

*जाने, कोहरौलिया ग्राम पंचायत के हालात-!*
सोनभद्र जिले के विकास खण्ड म्योरपुर के शक्तिनगर से अनपरा तक जिसे उर्जान्चल के रूप में जाना जाता है।
इस क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायते है।
इन ग्राम पंचायतों के पास न अपनी भूमि है, नही राज्य सरकार की।
इतना ही नही इन पंचायतों में निवास करने वाले 80% लोगो की अपनी निजी भूमि भी नही है वे भारत सरकार और राज्य सरकारों तथा निजी उद्यगो के द्वारा किसानों से अपने प्रतिष्ठानों के उपयोग के लिए अधिकृत की गई भूमि पर अतिक्रमण कर बड़ी बड़ी बस्ती बना बसे हुए
है।
इन अतिक्रमण की गई बस्तियों में और कागज पर दो दशक पहले से सरकारी धन का बंदर बाट किया जा रहा है,
जिसमे अरबो का *महाघोटाला* होना जानकारों के अनुसार बताया जा रहा है।

*शौचालय निर्माण में हुवा है व्यापक घोटाला-!*

म्योरपुर विकास खण्ड के कोहरौलिया ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान और प्रधानपति कथित सरहंग सपा नेता व ग्राम पंचायत सचिव की मिली भगत से बड़े पैमाने पर घोटाला और पत्रों अपात्रों से कमीशन वसूलने की बात अब खुल कर सामने आने लगी है।
सरहंग ग्रामप्रधान पति से भयाक्रांत ग्राम पंचायत की जनता खुल कर अपनी जुबान न खोल पाने के चलते दबी जुबान से बताया है कि इस ग्राम पंचायत में बने पुराने शौचालयों के नाम पर नया शौचालय बना के कागज पर दिखने का बड़ा खेल हुवा है।
जिसकी शिकायत बिगत महीनों वी डी ओ से कुछ ग्रामीणों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने की थी, जिस पर वीडियो ने कोहरौल में कैम्प लगा लोगो की शिकायतों को सुना था और शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर मौजूद अपने मातहतों को आवश्यक निर्देश भी दिये थे।किंतु महीनों बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही करना तो दूर की बात रही वे न स्वयं या उनके विभाग के अन्य अधिकारी ही मौका निरीक्षण करने तक नही पहुचे।
जिससे जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है।

इसीलिए अब वी
डी ओ की ओर भी अंगुली उठने लगी है।
दूसरी तरफ योगी सरकार की क्षवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ने लगा है।

कोहरौलिया ग्राम पंचायत में जो अधिकांश शौचालय बने भी हैं उनमें एनसीएल और रेलवे तथा एनटीपीसी की अधिग्रहित भूमि पर बने हैं।
जिसकी न तो परियोजनाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र और नही निर्माण करने की अनुमति ग्राम पंचायत द्वारा ली गई है।
इतना ही नही इस ग्राम पंचायत ने एक शौचालय पड़ोसी ग्राम पंचायत घरसडी में भी बना दिया है।
पिछले साढ़े चार साल से यह खेल वेधड़क खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है जो क्या विभागीय अधिकारियों के संरक्ष्ण और मिली भगत के बगैर होपना क्या सम्भव है?
यह तो जांच का विषय है जो उच्चस्तरीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा तभी कौन कौन इस सरकारी धन के दुरुपयोग और बंदर बाट करने में संलिप्त थे।
उनके चेहरे से नकाब उतर सकेगा।

*कोहरौलिया ग्राम पंचायत में बने सैकड़ो आवासों में हुवा है लाखो का घोटाला!*

घोटाला इस कदर हुवा है कि प्रधान के पति के पिता तक के नाम आवास आवंटित कर पूरा धन आहरण कर लिया गया है ,
परन्तु यह आवास ग्राम पंचायत में कहा बना है यह किसी को मालूम नही है।
क्यो कि आवास निर्धारित ड्राइंग ,डिजान और लम्बाई, चौड़ाई,ऊँचाई जो फिक्स होती है के अनुसार बनता है।

लेकिन इस ग्राम पंचायत में नियमो और मानकों की धज्जियां उड़ा दी गयी हैं।
कितने लोग तो अपने घरों के विस्तारीकरण में ही आवास का पैसा लगा दिए हैं।
जबकि इन बने मकानों के फोटो वी डी ओ कार्यालय को भेज जाता है।
इसके बाद भी जब ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्ति के मुहाने पर पहुच चुका है,
किसी विभागीय अधिकारी का इस ओर नजर न जाना आश्यचर्य से कम नही है?

जो चीख चीख कर बता रही हैं कि किस कदर सम्बंधित अधिकारियों की मिली भगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।

इसके अतिरिक्त अपने सगे सम्बन्धियो और चहेतों को नियमो को ताक पर रख अपात्रों को भी आवास आवंटित किए गए हैं,
जिसकी शिकायत भी वी डी ओ के जनचौपाल में पूर्व प्रधान सहित ग्रामीणों ने की थी।

फिर भी वी डी ओ ने इसकी अनदेखी की जिससे वे भी अब सवालों के घेरे में है।

जिसकी जनता जांच चाहती है।
क्यो की यहा बनेआवसो के भूमि की स्थिति शौचालयों जैसी ही हैं।

*सड़क,नाली, सीसी रोड चढ़ चुके हैं भ्र्ष्टाचार की भेंट!*

मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए इस कदर सिसीरोड़,सड़क, नाली का निर्माण कराया गया है, की उनकी हालत बदहाल है क्यो की यह सब भ्र्ष्टाचार की
भेंट चढ़ चुकी हैं।

*ग्राम पंचायत में हुए भ्र्ष्टाचार ने फटेहाल को बना दिया है मालामाल,*
*प्रधानपति की सरहंगई तो बोल रही है लोगो के सीर चढ़-!*

ग्राम प्रधान पत्नी के बनने के पहले दैनिक मजदूरी कर जीने वाला मात्र साक्षर व्यक्ति जो कल दो जून की रोटी के लिए मोहताज था।
वह आज लाखो करोड़ो में खेल रहा है।
उसके पास अब चलने के लिए महंगी लक्जरी गाड़ी,आलीशान मकान, दूसरे प्रान्त में जमीन, बैंक बैलेंस आदि सब है।
लेकिन इस आय का क़ायकर रिटर्न किसी आयकर कार्यालय में जमा नही है।
जो जांच के बाद सब साफ होजायेगा जिससे दूध का दुध, पानी का पानी हकीकत के आईने में दिखने लगेगा।

*प्रधानपति की सरहंगई!*

सरहंगई का आलम यह है कि आये दिन यह और इसके गुर्गे उत्पात मचाते रहते हैं लेकिन इसका आतंक इतना है कि अपमान और उत्पीड़न का घुट पीकर लोग रह जाते हैं ,
लेकिन वे अपना मुह खोलने का साहस तक नही जुटा पाते।
अभी तीन दिन पहले ही इसने अपने गुर्गों के साथ गांव के कोटेदार विफनी के बेटे श्रवण कुमार गुप्ता को वेदम पीटा था, जिसकी शक्तिनगर थाने में रिपोर्ट पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई हैं।
जिसकी बिबेचना बीना चौकी प्रभारी अभिनव बर्मा कर रहे हैं।

यह इतना सरहंग है कि एक बार अपने ग्राम पंचायत में सड़क दुर्घटना के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष से भीड़ गया था और घण्टो पुलिस को पसीनो पसीनो कर दिया था।
इसके अतिरिक्त पत्नी के प्रधानी के कार्यकाल में 307 से लेकर कई मार पीट ,गाली गलौज,धमकी के लगभग आधे दर्जन के करीब एफ आई आर और एन सी आर शक्तिनगर थाने में दर्ज है।
पूरी ग्राम पंचायत इसके जुल्मों सितम से कराह रही है।

*शाम को सजती है महफिल!*

कहते हैं रोज शाम को सजती है ,महफिल जिसमे जुटते है इसके गैंग के साथी, जिसमें सूत्रों कि माने तो कई शातिर अपराधी किस्म के लोग भी सम्मलित होते हैं,
मैफिल में परोसी जाने वाली जोश में लाने वाली अमृत गटकने के बाद बेहोश जोश में आजाते हैं साथी गण और इसके बाद जब कथित सपा नेता जो अपने सरहंगई के लिए चर्चित है ,
वह अपनी हनक बनाये रखने के लिए इनका इस्तेमाल कर कहर समय समय पर ढहवाता रहता है।जिससे पूरे ग्राम पंचायत के लोग इससे डरे सहमे रहते हैं।

इस खेल में एनसीएल की आउटसोर्सिंग कम्पनियों का भी बड़ा योगदान है, क्यो की इनके द्वारा दिये गए प्रधानों को कोटे से ये लोग लाखो में नॉकरी वेचते है और कहा जाता है हर महीने उनसे पांच हजार भी लेते है, जिसे नॉकरी जाने डर से कोई बोलने की हिमाकत नही कर सकता है।

इस क्षेत्र में बड़ी वेरोजगारी है इसीलिए लोग इनके पास अपना पैसा देकर नॉकरी पाने के लिए इनके चौखट को खट खटाते रहते हैं,
इन्ही में कई तो इनके सोहबत में आकर अपराध की दुनिया मे कदम जाने अनजाने रख जाते हैं और फिर दल दल में फसते ही जाते हैं।

जिस पर तत्काल नियंत्रण की आवश्यकता है?
यदि प्रशासन ने इस रहते कोई ठोस पहल करने के बजाय अनदेखी करती रही तो भविष्य में यहा कोई बड़ी अप्रिय वारदात न होजाये की सम्भावना से इनकार नही किया जासकता हैं?

भजपा के वरिष्ठ नेता पत्रकार के सी शर्मा ने सूबे के मुख्यमंत्री का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जांच करा के कार्यवाही करते हुए सम्बन्धितों से सरकारी धन का नियम विपरीत दुरपयोग करने के कारण इनसे इसकी रिकभरी कराई जाए की मांग की है।

*देखना है इसमें आगे क्या होता हैं?*

*उर्जान्चल के ग्राम पंचायतों का क्रमशः अब सिलसिलेवार भ्र्ष्टाचार उजागर, परत दर परत आगे किया जाएगया*,
*करिये अगले क़िस्त का इंतजार?*

अनूप कुमार साह

रीजनल हेड मिर्जापुर उत्तर प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published.