उर्जान्चल की ग्राम पंचायते पार्ट:-4*

*उर्जान्चल की ग्राम पंचायते पार्ट:-4*

*सोनभद्र:- म्योरपुर विकास खण्ड के अंतर्गत उर्जान्चल की ग्राम पंचायतों में है ब्यापक भ्र्ष्टाचार-!*

*जाने, घरसडी ग्राम पंचायत के हालात-
सोनभद्र जिले के विकास खण्ड म्योरपुर के शक्तिनगर से अनपरा तक जिसे उर्जान्चल के रूप में जाना जाता है।
इस क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायते है।
इन ग्राम पंचायतों के पास न अपनी भूमि है, नही राज्य सरकार की।
इतना ही नही इन पंचायतों में निवास करने वाले 80% लोगो की अपनी निजी भूमि भी नही है वे भारत सरकार और राज्य सरकारों तथा निजी उद्यगो के द्वारा किसानों से अपने प्रतिष्ठानों के उपयोग के लिए अधिकृत की गई भूमि पर अतिक्रमण कर बस्ती बसा दी गयी है।

इन अतिक्रमण की गई बस्तियों में और कागज पर दो दशक पहले से सरकारी धन का बंदर बाट किया जा रहा है,
जिसमे अरबो का महाघोटाला होना जानकारों के अनुसार बताया जा रहा है।


*एक नजर में ग्राम पंचायत घरसडी !*

घरसडी ग्राम पंचायत की कुल आबादी 3600 के लगभग है और 1400 मतदाता है।यह ग्राम पंचायत चार टोलो में विभक्त है।घरसडी,जवाहरनगर,आजाद नगर,और पहाड़ी है।इनमें तीन टोलो में स्थानीय मूल बाशिंदे निवासरत है, वही आजाद नगर नामक परियोजना की भूमि पर अतिक्रमण बसा यह टोला है जिसमे यहा के मूल बाशिंदों के अतिरिक्त विभिन्न प्रान्तों से रोजी रोजगार के लिए आये हुए बाहर के लोग निवास रत है।

इस ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान बसपा नेता सत्य प्रकाश भारती है तथा सचिव निर्भय सिंह है व जे ई सन्तोष दूबे है।इसके पूर्व बर्तमान प्रधान की पत्नी सुंदरी देवी यहा की प्रधान रही है।इस तरह साढ़े नव वर्ष से इस ग्राम पंचायत में पति- पत्नी का कार्यकाल रहा है।लेकिन दोनों कार्यकाल का काम बर्तमान प्रधान की ही देख रेख में संचालित होता रहा है। इसकी विशेषता यह भी है कि एक टोला एस सी बहूल है, तो दूसरा बियार जाति बहूल, तीसरा ब्राम्हण बहुल, चौथा बाहरी बहुल है।

*जाने,ग्राम पंचायत घरसडी के हालात!*

ग्राम पंचायत घरसडी के टोलो में घूमने से हकीकत आईने की तरह खुल कर सामने आजाती है, पिछले लगभग 10वर्षो के कार्यकाल में यहा हुए भृष्टचार खुलकर दिखलाई देते हैं।
उसके कुछ उदाहरण पाठकों को समझने के लिए क्रमशः कर रहे हैं ,प्रस्तुत।

*सड़क निर्माण में हुई धांधली का आलम यह है कि वह कही नजर ही नही आती!*

सात वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत में बनी सड़क जो रेलवे लाईन से मुख्य मार्ग होते हुए विश्वकर्मा के घर,जवाहरनगर तक बनी दिखाई गई है, किन्तु मौके पर वह कही न दिखती है न ढूढे मिलती ही है।
यदि यह सड़क बनी थी तो इस मार्ग को जहाँ दर्शाया गया है वह भूमि तो एक तरफ रेलवे की है व दूसरी तरफ एनसीएल की भूमि है।फिर विभाग कैसे इस पर इस्टीमेट पास कर दिया जो जांच का विषय है।
जिसमे लाखो रुपये का कागज पर हेर फेर होना ग्रामीणों ने बताया है।
इसी तरह रेलवे लाईन से लेकर रामबरन के घर आजाद नगर, जो इस ग्राम पंचायत में एनसीएल की भूमि पर अतिक्रमण कर बसायी गयी हैं। परन्तु मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि यह एनसीएल के सौजन्य से मुख्य मार्ग से वस्ती को आवागमन की सुविधा बहाल करने के उद्देश्य से कच्ची सड़क जिसपर गट्टी, मोरम डाल के बनाया गया था।
इसके बाद स्व0 संजय दूबे प्रधान के कार्यकाल में पुनः उसकी मरम्मती करण कराया गया था, इसके बाद लगभग दस वर्षों से इस सड़क पर किसी ने कोई कार्य नही किया है, लेकिन 10-11वित्तीय वर्ष में इस सम्पर्क मार्ग को ग्राम पंचायत में पुनः बनाया जाना दिखाया गया है, जबकि ग्रामीण कहते हैं कि दसवर्ष से कोई इस सम्पर्क मार्ग पर कार्य हुवा ही नही है।
इस तरह लाखो रुपये के गोल माल की बू साफ साफ आरही है।
इसीतरह रेलवे लाइन से लेकर पहाड़ी टोला में लोदी के घर तक बने सम्पर्क मार्ग की भी यही कहानी ग्रामीणों ने बया की।

ज्ञात हो कि यहा की सभी जमीन या तो एनसीएल की है या रेलवे की है।
फिर प्रश्न उठता है ? कि बिना भूमि के स्वामी एनसीएल और रेलवे के अनुमति के कैसे इस्टीमेट बन जाते हैं और पूरे धन का आहरण हो जाता है, और ब्लाक के अधिकारियों को कोई पता ही नही होता?
सच तो यह है कि सरकार के धन को लूटने में सभी बराबर के भागीदार है तभी तो यह खुलेआम लूट उर्जान्चल की पंचायतों में हो रही है।

इस लाखो के घोटाले की जांच होने पर ही सच्चाई सामने आएगी,लेकिन हकित तो लाखों का हुए भृष्टचार की चीख चीख वया कर ही रहे हैं।जिसकी जांच होनी चाहिए।
ये तीनो सम्पर्क मार्ग लगभग ढाई तीन किलोमीटर का होना बताया गया है।

*नाली का आता- पता नही, भुगतान होगया है पूरा!*

ग्राम पंचायत में बुढी माई से लेकर प्रताप जलाशय तक नाली बनना दिखाया गया है जिसका कोई आता पता ही नही है। लेकिन भुगतान पूरा होगया है।

*आवास और शौचालय के हालात!*

ग्राम पंचायत में लगभग 234 शौचालय बनाया जाना ग्राम पंचायत ने दर्शाया गया है उसी तरह आवास पांच दर्जन से अधिक आवास बनाया जाना दिखाया गया है, किन्तु सच्चाई इससे इतर है, इनमें कितने आवास तो अभी आधे अधूरे है और बहुताय तो जर्जर हालत में पड़े हैं।
किसी मे प्लास्टर ही नही,तो किसी मे दरवाजे खिड़की नही है यह घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के कारण इस हालत में चले गए हैं।
इन आवासों के पात्रों से हजारो में सेवा शुल्क भी लिए गए हैं।
इसी तरह मोदी जी के स्वच्छता अभियान के तहत बनाये जाने वाले शौचालयों में भी भारी गोल माल कर इस अभियान को पलीता लगा दिया गया है.
जबकि इस ग्राम पंचायत को ओ डी एफ घोषित कर दिया गया है।
सच्चाई ठीक इसके उलट है।अभी लगभग आधे घरो मे बताया गया है शौचालय बना ही नही है, लोग बाहर आज भी शौच के लिए जाते हैं, जो बने भी है वह भी उपयोगी नजर नही आते हैं क्यो की वे भृष्टचार की भेंट चढ़ चुके हैं।
सभी शौचालय मानक के विपरीत बने थे,आज हालात बाद से बदतर होगये है,किसी में दरवाजा नही तो किसी मे सीट नही,तो किसी मे पानी नही है, जो एकतरह से अनुपयोगी होगये है।
इन शौचालयों के निर्माण में घटिया क्वाल्टी की सामग्री का इस्तेमाल किया गया ।जिससे इसकी यह दुर्दशा हैं।

*सीसी रोड और सोलर लाइट*!

पहाड़ी टोला में बन रहे सीसी रोड के हालात यह है कि विना सड़के बनाये ही और पीसीसी किये ही सीसी कर दी जारही है इसे कोई देखने वाला नही है। पहाड़ी पर स्थित पहाड़ी टोला में पहाड़ के पत्थलो पर ही सीधे सीसी रोड बना भारी गोल माल सम्बंधित अधिकारियों की मिलीभगत से होरहा है।

ग्राम पंचायत में लगी सोलर लाइटों में भारी घपले बाजी की गई है।
कहते हैं कि 28 हजार 500 सौ रुपये मूल्य एक सोलर लाईट की दर्शायी गयी है, लेकिन यह लाइट जो वगैर वैट्री की है इसका बाजार मूल्य आधे से भी कम होना बताया जारहा है, जो सभी एक ही फर्म से खरीदी गई है, इन लाइटों की विशेषता यह है कि अभी तीन महीने भी नही हुए हैं इनमें आधी खराब हो चुकी है।
इस ग्राम पंचायत में 80 सोलर लाइट लगनी प्रस्तावित है जिनमे 56 लग चुकी हैं।इनमें भी अधिकांश प्रधान के चहेतों और सजातियों के यहा एक ही टोला में वह भी मानक और नियमो के विपरीत घरों के अंदर आंगन और दरवाजो पर लगाया हैं। इसी ग्राम पंचायत में एक टोला ब्राम्हणों का है जहाँ एक भी लाईट नही लगी है,
जो मोदी के इस संकल्प की सबका साथ ,सबका विकास की धज्जियां उड़ा रही हैं,क्यो की प्रधान जी बसपा के सक्रिय कार्यकता है।

*वर्तमान में होरहे सेड निर्माण के हालात!*

जवाहरनगर में सपा नेता रामानुज गौतम के घर के सामने बन रहे सेड निर्माण में होरही गुड़बत्ता में गड़बड़ी की शिकायत के बाद भी किसी ने सुधि नही ली।
सपा नेता ने बताया कि 20 ×1 का मसाला लगाया जारहा है, जबकि 6×1 का मसला लगना चाहिए।तो सचिव ने नेता जी को बोल दिया कि जानते नही हमारे प्रधान जी को, यहा इसी तरह का काम होता है औरआगे भी इसी तरह होगा ।
आपको जहा जाना है जाईये हम लोगो पर कोई फर्क नही पड़ने वाला है, आप हमें नही जानते कि हम किस सांसद के भतीजे है।
यह मन बढू सचिव इस तरह बोल कर मोदी और योगी की जनता में बनी विश्वसनीयता को तार तार कर भृष्टचार और सरहंगई का खुला प्रदर्शन कर सरकार की क्षवि धूमिल कर रहा है।

*राशन कार्ड में हेर फेर!*
ग्राम प्रधान अपने परिजन व सगे सम्बन्धियो पर इस कदर मेहरबान है कि अधिकंश लाल कार्ड उन्ही को दिए हैं।
इनमें उनकी माँ और भाई भी सम्मलित हैं, जबकि वे महंगी लग्जरी गाड़ी और वातानुकूलित आलीशान मकान में रहते हैं।इनका बड़ा व्यवसाय भी है।जबकि लाल कार्ड गरीबी रेख के नीचे वाले का बनना चाहिए।जिसके सैकड़ो वास्तविक पात्र इस पंचायत में है जो भुखमरी के शिकार हो रहे हैं ।लेकिन प्रधान सम्पन्न लोगों को लाल कार्ड देकर सरकार की मंशा पर पानी फेरने पर तुले है।

*बसपा नेता ग्राम प्रधान की सरहंगई!*

बसपा नेता ग्राम प्रधान की सरहंगई सिर चढ़ के बोलती है।ये आए दिन ये लोगो को एस सी एक्ट में फसाने का धौस दे अपनी हनक बनाते रहते हैं। इनके गुर्गे भी कुछ महीने पहले एक महिला को जबरजस्ती बलात्कार करने की नीयत से उठा ले जारहे थे।
उन दुस्साहसियों ने उसके पति को बुरी तरह पीटा था और महिला को भी पीटा था जिसकी शिकायत शक्तिनगर थाने में कीगई थी किन्तु प्रधान की थाने में पकड़ के कारण उस गरीब को ही यहा से अपनी जान और इज्जत बचाने के लिए भाग जाना पड़ा।
इसके पहले भृष्टचार का विरोध करने वाले भाजपा कार्यकता आनंद पांडेय, विजेंद्र दूबे, विमलेश दूबे को भी फर्जी एस सी एक्ट में फसाने का इस बसपा नेता व प्रधान ने असफल प्रयास किया था

इस तरह इनके दबंगई और सरहंगई का आलम यह है कि ये एनसीएल द्वारा निर्मित सामुदायीक विवाह भवन को कब्ज़ा कर अपना स्टोर बना दिये हैं, गांव वाले प्रयास करते करते थक गए लेकिन आज तक वह जनता के उपयोग में नही आसका है

भजपा के वरिष्ठ नेता पत्रकार के सी शर्मा ने सूबे के मुख्यमंत्री का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ जांच करा कार्यवाही करते हुए सम्बन्धितों से सरकारी धन का नियम विपरीत दुरपयोग करने के कारण इनसे इसकी रिकभरी कराई जाए।

*उर्जान्चल के ग्राम पंचायतों का क्रमशः अब सिलसिलेवार भ्र्ष्टाचार उजागर, परत दर परत आगे किया जाएगया*,
*करिये अगले क़िस्त का इंतजार?*

थिंक मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र
अनूप कुमार साह
थे
रीजनल हेड मिर्जापुर उत्तर प्रदेश

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