कृपया महिलाएं ना आएं सबरीमला मंदिर, कोर्ट के फैसले से कई गुना बड़ा है सदियों पुराना रिवाज

तिरूवनंतपुरम/नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद आज केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने वाले हैं। वहीं, कोर्ट के आदेश के बावजूद भी मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। जिसे लेकर काफी तनाव भी बना हुआ है।

sabrimala temple

वहीं, दूसरी तरफ स्वामी अयप्पा के दर्शन के लिए महिला श्रद्धालु जुटने लगीं हैं। मंदिर परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन और तनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच मंदिर में प्रवेश को लेकर रोक के खिलाफ महिलाएं प्रदर्शन भी कर रही है। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सभी लड़कियों और महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देने का फैसला सुनाया था। जिसके बाद आज शाम 5 बजे सबरीमाला मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

बताया जा रहा है कि, वाहनों की चेकिंग के दौरान मासिक धर्म की उम्र वाली महिलाओं को आगे जाने से रोक दिया गया है। जिसके बाद से तनाव देखा जा रहा है। निलक्कल बेस कैंप मंदिर परिसर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है। जहां पर बहुत सारे भक्त ठहरे हुए हैं।

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चल रहे प्रदर्शन

  • नल्लिकेल इलाके में 3 जगह प्रदर्शन चल रहा है।
  • इनमें 2 जगह संघ परिवार की तरफ से प्रदर्शन किया जा रहा।
  • वहीं, 1 प्रदर्शन कांग्रेस की तरफ से किया जा रहा।
  • ये सभी मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे।
  • प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। अब तक कुल 11 को हिरासत में लिया गया।

कड़ी सुरक्षा के इंतजाम

  • नल्लिकेल और पम्पा बेस पर करीब 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
  • जिनमें 800 पुरुष और 200 महिला सुरक्षा कर्मी है।
  • इनके अलावा 500 से अधिक अन्य सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए।

मासिक धर्म से जुड़ा मसला

  • मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक पर फैसला सुनाते हुए इस रोक को खत्म कर दिया था।
  • बता दें कि, सदियों से मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है।
  • जिसकी वजह सिर्फ महिलाओं के मासिक धर्म को बताया जाता था।
  • जिसके मुताबिक, मासिक धर्म की स्थिती में अगर कोई महिला मंदिर में प्रवेश करती है तो इससे मंदिर के अछूत हो जाएगा।
  • हालांकि, कोर्ट के फैसले के बाद भी वहां की जनता इस फैसले को नहीं मान रही। वो लगातार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • बता दें कि, मंदिर के प्रवेश द्वार के नज़दीक दर्शन के लिए आ रही महिलाओं को बसों और कारों से बाहर निकाला जा रहा है।
  • उन्हें द्वार पर मौजूद दूसरी महलाएं वापिस जाने के लिए कह रही हैं। उनका अभी भी मानना है कि, महिलाओं के प्रवेश से मंदिर और उसके भगवान का अपमान होगा।

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