कन्नड़ एक्टर की पत्नी ने की थी गलती, तभी से मंदिर में बैन हुआ महिलाओं का प्रवेश

Sabarimala temple women entry

कोच्चिः साल 2006 में मंदिर के मुख्य ज्योतिषि परप्पनगडी उन्नीकृष्णन ने कहा था कि, मंदिर में स्थापित अयप्पा अपनी ताकत खो रहे हैं और वो अपने भक्तों से काफी नाराज भी हैं क्योंकि उनके मंदिर में किसी युवा महिला ने प्रवेश किया है।

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जिसके बाद कन्नड़ एक्टर प्रभाकर की पत्नी जयमाला ने दावा किया था कि, उन्होंने अयप्पा की मूर्ति को छुआ और उनकी वजह से अयप्पा नाराज हुए। उन्होंने कहा था कि वह अपनी इस गलती का प्रायश्चित करना चाहती हैं।

अभिनेत्री जयमाला ने कहा कि, साल 1987 में जब वो अपने पति के साथ मंदिर में दर्शन करने गई थीं तो भीड़ की वजह से धक्का लगने के चलते वह गर्भगृह पहुंच गईं और भगवान अयप्पा के चरणों में गिर गईं।

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हालांकि, इस दौरान जयमाला को वहां के पुजारी ने उन्हें फूल भी दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट में गई याचिका

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– जयमाला के दावे के बाद केरल में हंगामा मच गया। इसी के बाद से मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित होने की मांग की जाने लगी।

-जिसके बाद साल 2006 में राज्य के यंग लॉयर्स असोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की।

-जिसके बाद अगले 10 साल तक महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का मामला कोर्ट में ही लटका रहा।

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-हालांकि, इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के ट्रस्ट त्रावणकोर देवासम बोर्ड से महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति न देने पर जवाब मांगा था।

-जिस पर बोर्ड ने कहा था कि, भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे और इस वजह से मंदिर में वही बच्चियां व महिलाएं प्रवेश कर सकती हैं, जिनका मासिक धर्म शुरू न हुआ हो या फिर खत्म हो चुका हो।

-इसके बाद कोर्ट ने 7 नवंबर 2017 को अपनी सुनवाई में कहा कि, सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिया जाना चाहिए।

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सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने उठाया कदम

बता दें कि, शुक्रवार को भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए हैं। लेकिन भारी तादाद में लोग अब भी मंदिर में मंहिलाओं के प्रेवश को लेकर विरोध पर अड़े हुए हैं। जिसकी वजह से सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी एअरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। उनके विरोध में हजारों से भी अधिक संख्या में आए प्रदर्शनकारियों ने एअरपोर्ट के सारे रास्ते बंद कर दिए थे।

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