अजगरा के सरकारी भवन से 19 पेटी कच्ची शराब बरामद

*अजगरा के सरकारी भवन से 19 पेटी कच्ची शराब बरामद*

अजगरा में करोड़ो की लागत से बनी पानी की टंकी के स्टोर रूम से सप्लाई की जाती थी अवैध देशी शराब

पुलिस की छापेमारी कर अजगरा में करोडों की लागत से बनी शोपीस पानी की टंकी के स्टोर रूम में 19 पेटी कच्ची शराब बरामद की गई है।लीलापुर चौकी इंचार्ज शेलेन्द्र कुमार तिवारी सूत्रों के हवाले सूचना पाकर स्थल पर अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचकर जायजा लिये तो सूत्रों के मुताबिक मिली सूचना सही साबित हुई। उसके बाद चौकी इंचार्ज लीलापुर ने सर्वप्रथम कप्तान साहब के पास फोन कर सूचना दिये उसके बाद जलनिगम के विभागीय जिम्मेदार अधिकारी जेई अमरनाथ पाल और एक्सईएन राधेश्याम वर्मा को सूचित कर स्थल पर बुलाया। जहां समय की माने तो दो घंटे तक कोई बिभाग के जिम्मेदार नही पहुंचे। दो घंटे तक चौकी इंचार्ज अपनी समस्त टीम के साथ धूप में खड़े होकर ड्यूटी बजाते रहे ।करीब दो घंटे बाद विभाग के जेई अमरनाथ पाल पहुचे उसके बाद स्टोर रूम का ताला तोडा गया तो स्टोर रूम से 19 पेटी शराब बरामद की गई जिसके एक पेटी में 48 बोटल शराब की गिनती की गई शराब फाइव स्टार प्रीमियम विस्की 180 ml की थी। जिसमे 19 पेटी में 912 सीसी शराब की बोटल थी। बोटल पर मूल्य के विषय मे कुछ दर्शया नही गया था।शराब के लेवल के अनुसार यह अमृतसर पंजाब की बनी हुई है और इसका शेल अरुणाचल प्रदेश में होना था।सूत्रों की माने तो यह कच्ची शराब का कारोबार इसी सरकारी भवन से कई वर्षों से चल रहा था।और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियोंको भनक तक नही।परन्तु चौकी इंचार्ज आस-पास के लोगो से इस विषय मे जानकारी लेनी चाही तो आस-पास के लोगों से संतोषजनक जानकारी नही मिल सकी।वहीं विभाग के जिम्मेदार जेई अमरनाथ पाल ने बताया कि कई वर्षों से अजगरा पानी टंकी पर शाद्दाम नाम का एक लड़का रहता था परंतु विभाग में किसी भी प्रकार के बजट न आने से आपरेटर शाद्दाम को कई वर्षों से शैलरी नही मिल पाई थी जिससे शाद्दाम करीब एक महीने पहले अजगरा के पानी की टंकी पर काम करने से साफ इंकार कर दिया और और यहां के ताले की चाभी जेई अमरनाथ पाल को शौप दिया।अब यह कच्ची शराब के बरामदगी के अब जेई का आरोप यह है कि स्टोर रूम में विभाग द्वारा लगाया गया ताला नही लगा हुआ था हो सकता है।
अजगरा के पानी की टंकी के स्टोर रूम से बरामद की गई शराब को लीलापुर चौकी इंचार्ज शेलेन्द्र कुमार तिवारी ने टेम्पो का सहारा लेकर चौकी लेकर गए।उसके बाद अपनी प्रक्रिया पूर्ण कर लालगंज कोतवाली भेज दिया।

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