सीओ के दफ्तर में ना मिलने से निराश बुजुर्ग महिला ने खाया जहर

poison eat women

उत्तर प्रदेश/कौशाम्बीः  कौशाम्बी जिले के चायल तहसील गेट के सामने बेटो द्वारा घर से निकाली गई एक बुजुर्ग महिला ने सीओ के दफ्तर में मौजूद ना होने पर निराश होकर जहर खाकर जान देने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने महिला को गंभीर हालत में नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।

poison-eat-women

डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग महिला की हाल काफी गंभीर है। जहर का असर महिला के फेफड़ों तक पहुंच चुका है। अपने बेटों से परोशान होकर महिला थाने में इंसाफ मांगने सीओ चायल के यहां पहुंची थी।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक चायल तहसील इलाके के अखाड़ा छोटा लालापुर की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला मुंदरी देवी को उसके बेटों ने घर से निकाल दिया था । बेटों की इस करतूत की शिकायत लेकर वृद्ध महिला इंसाफ की आस में सीओ के ऑफिस पहुंच गई। महिला घंटों तक दफ्तर के बाहर सीओ का इंतजार करती रही लेकिन सीओ नहीं आए। एक तो बेटों के द्वारा घर से निकाले जाने का दुख बुजुर्ग महिला को खाए जा रहा था और ऊपर से जब सीओ भी दफ्तर में नहीं मिले तो बुजुर्ग महिला काफी निराश हो गई और फिर जब कुछ नहीं सूझा तो उसने तहसील गेट के बाहर जहर खा लिया।

भरे कोर्ट में जूते से दरोगा की पिटाई, जज भी देखते रह गए नजारा

3 बेटों के बावजूद भी पड़ोंसियों से मांगना पड़ता है भीख

65 साल की मुंदरी देवी पत्नी सुदर्शन सोमवार की शाम सीओ चायल के पास शिकायती पत्र लेकर आई थीं।  उनका कहना था कि पांच साल पहले उसके पति की मौत हो गई। महिला के तीन बेटे मंतलाल, नंदलाल और मुखलाल है। सभी बेटे अपनी-अपनी पत्नी व बच्चों के साथ अलग रहते हैं। वह अकेली कच्चे मकान में रहती है। भोजन का भी संकट है। महिला का आरोप है कि, बच्चे राशन व खाने-पीने की चीजों के लिए भी पैसा नहीं देते। अगर वो उनसे मांगती भी है तो वो उसके साथ मारपीट पर उतर जाते हैं।

बड़ा क्रूर बाप, 3 मासूम बच्चियों की हथौड़े से हत्या कर किरासिन डालकर लगा दी आग

पड़ोसियों के यहां भीख मांगकर वह अपना गुजारा करती है। सीओ के दफ्तर में नहीं होने पर वह उदास हो गई। दफ्तर से बाहर निकली और तहसील गेट के पास आकर जहर खा लिया। कुछ ही देर में वह अचेत हो गई और मुंह से झाग निकलने लगा। माजरा देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पिपरी कोतवाली के चायल चौकी प्रभारी संजय परिहार मौके पर पहुंचे। मुंदरी की हालत नाजुक देख उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

अंधेरा था कैसे देखता-59 लोगों को रौंदने वाली ट्रेन के ड्राइवर की सफाई

महिला का कहना है कि, पति किसी तरह मजदूरी कर पेट पालता था, लेकिन उसकी मौत के बाद वह सहारा भी छिन गया। सरकार की तरफ से वृद्धा पेंशन स्वीकृति हुई, लेकिन तीन माह बाद वह भी बंद हो गई। इसे लेकर वह काफी परेशान रहती थी।

#MeeToo: 20 महिलाओं से चित हुई मोदी सरकार, जानिए अकबर का पूरा मामला

बुजुर्ग महिला की हालत नाजुक

वहां मौजूद लोगों ने जब बुजुर्ग महिला को बेहोश होकर गिरता देखा तो फौरन एम्बुलेंस बुलाकर महिला को चायल पीएचसी में भर्ती कराया । यहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग महिला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

कुलदीप मिश्रा रीजन हेड प्रयागराज थिंक मीडिया ब्यूरो

आपके लिए ये भी रोचक

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें Facebook PageYouTube और Instagram पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.