गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करना कोई अपराध नहीं- केरल हाईकोर्ट

यातायात की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक में ये नियम बताए गए हैं कि, कोई भी वाहन चलाते वक्त चालक फोन पर बात नहीं कर सकता है। कई बार ऐसे मामलो में चालक पर जुर्माना भी लगाया जाता है। लेकिन वहीं अब केरल हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद सबको हैरानी हो रह है।

 

केरला हाईकोर्ट ने कहा कि गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करना तब तक कोई अपराध नहीं है जब तक इसे लेकर कोई कानून नहीं बनाया जाता। बुधवार को हाईकोर्ट की डिविजन बेंच के जस्टिस एएम शफीक और जस्टिस पी सोमराजन ने यह फैसला दिया है।

 

हालांकि, उन्होंने ये बात मानी की इसकी वजह से दुर्घटनाएं होती हैं और लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। हाईकोर्ट कोच्चि के रहने वाले एमजे संतोष की तरफ से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

 

कैसे उठा मामला

कोच्‍चि‍ के एक नि‍वासी एम जी संतोष की ओर से एक याचि‍क दायर की गई थी। संतोष को पुलि‍स ने केरल पुलि‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 118 (ई) और मोटर व्‍हीकल्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 184 के तहत ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने के लि‍ए बुक कि‍या था। केस को कि‍सा जुर्माने नहीं लगाते हुए खत्‍म कर दि‍या गया और कोर्ट ने कहा कि‍ जब तक ड्राइव की वजह से पब्‍लि‍क सेफ्टी को खतरा नहीं होता है तब तक इसे अपराध नहीं माना जा सकता।

 

इसके बाद मामला डिविजनल बेंच के सामने आया क्योंकि सिंगल बेंच ने 2012 के अब्दुल लतीफ बनाम केरल राज्य मामले में जस्टिस एसएस सतीशचंद्रन के आदेश के विपरीत फैसला दिया था। कोर्ट ने पुलिस से कहा कि वह कार्रवाई तभी कर सकता है जब किसी शख्स द्वारा फोन पर बात करने से लोगों की जिंदगी पर खतरा मंडराता हो। यह भी पाया गया कि राज्य पुलिस के कानून में अभी तक ड्राइवर्स को फोन पर बात करने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं बना है।