अमेरिका-चीन फेल भारत को मिली सफलता बनाई स्वदेशी टेस्टिंग किट 1 से होगा 100 मरीजों के टेस्ट

थिंक मीडिया न्यूज़ – के सी शर्मा

कंपनी के प्रबंध निदेशक हसमुख रावल ने कहा, “स्थानीय और केंद्र सरकार से मिले सहयोग और ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हुए उसने कोविड-19 (Covid 19) की जांच के लिए एक कीट तैयार की है।”

“कोरोना के टेस्टिंग के लिए कीट भारत में तैयार हो गया है जल्‍द ही देशभर की पैथ-लैब में इस वायरस की टेस्टिंग हो सकेगी।” ICMR ने पुणे की मायलैब (Mylab) डिस्कवरी सॉल्युशंस को अपनी कोविड-19 टेस्ट कीट के लिए वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति दे दी है।

मायलैब ने 6 हफ्तों में स्वदेशी कीट विकसित की है। इस लैब के जरिए हर हफ्ते 1 लाख कीट का निर्माण किया जा सकता है। मायलैब जो कीट तैयार करेगी उसकी लागत विदेश से आने वाली कीट से एक चौथाई होगी।

“अब तक जर्मनी से मंगाया जाता था कीट”
फिलहाल, प्रति मिलियन आबादी पर होने वाले टेस्ट के लिहाज से भारत सबसे निचले पायदान पर है। इस लिहाज से देखा जाए तो दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देश भारत से आगे हैं जिन्होंने कोरोना वायरस के मामलों को टेस्ट कीट की मदद से पहचान करने और रोकने में सफलता हासिल की है। अब तक भारत सरकार जर्मनी से लाखों टेस्टिंग कीट मंगाती रही है ताकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का मेडिकल टेस्ट किया जा सके।

‘मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वालिटेटिव पीसीआर कीट’। Mylab के मुताबिक कोरोना वायरस की जांच करने वाली उसकी ‘मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वालिटेटिव पीसीआर किट’ को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति मिल गई है।

इसे WHO और अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विकसित किया गया है। इसे रिकॉर्ड समय में विकसित किया गया है।