लॉकडाउन में भाई-बहन ही बने पति-पत्नी और कर ली आपस में शादी

केसी शर्मा

6 महीने पहले रिश्ते में चचेरे भाई-बहन बिहार से दिल्ली भाग गए. कुछ दिनों बाद जब लॉकडाउन लगा तो गांव वापस आ गए जहां वह पति-पत्नी की तरह रहने लगे. इस पर गांव वालों ने आपत्ति की और उन्हें घर से बाहर कर दिया तो थाना परिसर में उनकी शादी हुई. कानूनी बाध्यताओं का मखौल उड़ाने और नैतिक मूल्यों को उलझाने वाला यह वाकया बिहार के रोहतास जिले का है.

रोहतास जिले के बड़हरी ओपी थाना परिसर में रिश्तों को उलझा देने वाले मामले में चचेरे भाई-बहन परिणय सूत्र में बंध गए. यह घटना मंगलवार को उस समय हुई जब भाई ने 13 साल की चचेरी बहन से शादी की. रिश्ते का यह हश्र होते देख ग्रामीणों ने कहा कि कलयुग में रिश्ते भूल गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, अगरसीडीहरा में रहने वाले वाला 18 साल का लड़का उसके चाचा की नाबालिग बेटी को बहलाकर दिल्ली फरार हो गया था. वह आठवीं की छात्रा है.

बदनामी के डर से लड़की के पिता ने शिकायत पुलिस में नहीं की. कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में दोनों दिल्ली से गांव आए. भाई-बहन के बजाए पति-पत्नी का संबंध लोगों को नागवार गुजरा. दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाते रहे. उनकी वजह से गांव में कलह होती रहती थी.

तब परिवार के लोगों ने  उन्हें घर से निकाल दिया. परिवार में आश्रय न मिलने पर दोनों बड़हरी ओपी थाने में पहुंच सुरक्षा की मांग करने लगे. दोनों परिवारों को थाने में बुलाकर कानूनी बातें समझाते हुए एफआईआर की बातें कही गई. तब परिवार ने पुलिस से सामाजिक रिश्तों को दरकिनार कर उनकी जिंदगी को देख शादी कराने का आग्रह किया.

इसके बाद ओपी परिसर स्थित मंदिर में मंगलवार को 13 साल की नाबालिग बच्ची की शादी हुई. पुलिस की इस कार्रवाई ने उसकी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है