#MeeToo: 20 महिलाओं से चित हुई मोदी सरकार, जानिए अकबर का पूरा मामला

नई दिल्लीः शोषण के खिलाफ उठी आवाज में मोदी सरकार भी डगमगाने लगी है। #MeToo के लपेटे में आए विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। बता दें कि, अकबर के ऊपर अब तक 20 महिला पत्रकारों ने #MeToo अभियान के तहत शोषण का आरोप लगाया है।

वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी

पत्रकार प्रिया रमानी ने अकबर पर पहला आरोप लगाया था। वहीं, पीएम मोदी ने भी अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर राष्ट्रपति के पास भेजा था जब अब स्वीकर कर लिया गया है। बता दें कि, अकबर पर सिर्फ भारतीय महिला पत्रकारों ने ही नहीं बल्कि, विदेशी महिला पत्रकार ने भी काफी संगीन आरोप लगाए हैं। एक विदेशी महिला पत्रकार के आरोप है कि, साल 2007 में जब वो इंटर्नशिप के लिए आईं तो वो सिर्फ 18 साल की थीं और उनके साथ एमजे अकबर ने गलत हरकत करने की कोशिश की थी।

MeeToo MJ Akbar

एमजे अकबर की सफाई

  • एमजे अकबर का कहना है कि, उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। वो अपनी इस लड़ाई के खिलाफ कोर्ट तक जाएंगे।
  • 67 साल के एमजे अकबर ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा है कि, उन्होंने निजी तौर पर अदालत से इंसाफ़ लेने का फ़ैसला किया है। इसलिए वो अपना पद छोड़ रहे हैं।
  • इसके अलावा अकबर ने प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
  • साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि जिन महिलाओं ने उनपर आरोप लगाये हैं, वो उन सभी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेंगे।
  • वहीं, दूसरी तरफ अकबर के बारे में कहा जा रहा है कि, पब्लिक के दबाव में उनका ये इस्तीफा सामने आया है।
  • मोदी सरकार का ये पहला इस्तीफ़ा भी है।

रमानी को कोर्ट पर भरोसा

वहीं, एमजे अकबर के इस्तीफे को लेकर प्रिया रमानी का एक ट्वीट सामने आया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि, अकबर के इस्तीफे से महिलाओं को सुकून मिला है। साथ ही अब उन्हें उस दिन का इंतजार है जब कोर्ट में भी उनके हक में फैसला सुनाया जाएगा।

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क्या है पूरा मामला
  • विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर कई अखबारों के संपादक रह चुके हैं।
  • #MeToo कैंपेन के तहत एक के बाद एक कई महिला पत्रकारों ने उन पर आरोप लगाए हैं।
  • अकबर पर पहला आरोप प्रिया रमानी नाम की वरिष्ठ पत्रकार ने लगाए थे।
  • आरोपों की बढ़ती लिस्ट की वजह से अकबर के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ने लगी। जिसके बाद विदेश मंत्री से मुलाकात कर इसका फैसला लिया गया।
गवाही देंगी ये 20 महिला पत्रकार

मीनल बघेल, मनीषा पांडे, तुषिता पटेल, कणिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार, बादाम होइहनु हौजल, आयशा खन, कुशलरानी, कनीजा गजारा, मालविका बनर्जी, एटी जयंती, हमीदा पार्कर, जोनाली बुरागोहन, मीनाक्षी कुमार, सुजाता दत्ता सचदेवा, रेशमी चक्रवर्ती, किरण मनराल, संजरी चटर्जी।

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