बड़ी सफलताः ISRO ने लॉन्‍च किया स्वदेशी नेविगेशन सैटेलाइट, मछुआरों को इस तरह मिलेगा फायदा

नई दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने अपना नेविगेशन सैटेलाइट-IRNSS-1I गुरुवार सुबह लॉन्च कर दिया सैटलाइट को PSLV-C41 रॉकेट के जरिए आज सुबह 4.04 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के एफएलपी से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। IRNSS-1I स्वदेशी तकनीक से निर्मित नेविगेशन सैटेलाइट है।

 

 

बता दें कि, इस सैटलाइट को IRNSS-1H सैटलाइट की जगह पर लॉन्च किया गया है। क्योंकि, इसका लॉन्च असफल रहा था।

 

वहीं इससे पहले 29 मार्च को संचार सैटलाइट GSAT-6A से संपर्क टूट गया था, जिसे वैज्ञानिकों के साथ-साथ सशस्त्र सेनाओं के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा था, लेकिन अब इसरो स्वदेशी तकनीक पर निर्मित आईआरएनएसएस-1I सैटलाइट का सफलतापूर्वक लॉन्च कर पिछली नाकामी को भरने की पूरी कोशिश करेगा।

 

ये है खास-

 

– IRNSS-1I सैटेलाइट का वजन 1425 किलोग्राम है।

 

– इस सैटेलाइट की लंबाई 1.58 मीटर, ऊंचाई 1.5 मीटर और चौड़ाई 1.5 मीटर है।

 

– इसे 1420 करोड़ रुपए में तैयार किया गया है।

 

– इससे नेविगेशन के क्षेत्र में मदद मिलेगी। इसमें समुद्री नेविगेशन के साथ ही मैप और सैन्य क्षेत्र को भी मदद मिलेगी। ये सैटेलाइट इसरो की नाविक प्रणाली का हिस्सा होगी।

 

– इंडियन सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’ में 9 सैटेलाइट हैं।

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