दोस्ती के मोड़ पर फिर से साथ आए भारत-चीन! मानसरोवर यात्रा के लिए खुला दूसरा मार्ग

नई दिल्लीः काफी समय से भारत और चीन के बीच कई तरह के मदभेद चल रहे हैं। जिनमें डोकाला विवाद और मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने पर चीन का विरोध साफ देखा गया। वहीं, अब दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों में जोड़ देखा जा रहा है।

 

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन से पहले मंत्री स्तर की वार्ता के लिए बीजिंग गई विदेशमंत्री सुषमा स्वराज की रविवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से इतनी सकारात्मक वार्ता हुई कि, इसके तुरंत बाद 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की चीन दौरे की घोषणा कर दी गई।

 

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि, भारत और चीन ने सिक्किम में नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। बता दें कि, मानसरोवर की यात्रा करीब 10 महीने पहले डोकलाम विवाद के चलते बंध कर दी गई थी।

 

गौरतलब है कि, विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग मार्गों से जून से सितंबर तक मानसरोवर यात्रा का आयोजन करता है। जिनमें लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) से होकर जाया जाता है।