पॉक्सो एक्टः मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, जानिए नए कानून में क्या होगा?

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नई दिल्लीः रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ दुष्कर्म पर फांसी की सजा को मंजूरी दी। बता दें कि, इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में संबंधित अध्यादेश पर मुहर लगाई गईकैबिनेट ने (आईपीसी), साक्ष्य अधिनियम, आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी है।

 

नए अध्यादेश में महिलाओं से रेप करने के मामले में न्यूनतम सजा को सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया और अधिकतम सजा उम्रकैद तक बढ़ा दी गई। वहीं,16 वर्ष से कम की उम्र की लड़की से दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी। इसके लिए सभी थानों को फोरेंसिक किट दिए जाएंगे। ऐसे मामलों में छह माह में फैसला होगा। इसके लिए देशभर में अलग से फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होगा।

 

तीन महीने में होंगे लागू
अध्यादेश में किए गए नए प्रावधानों को तीन महीने में लागू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक सहायता केंद्र सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी।
नए कानून में क्या होगा?
– सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें।
– पीड़ितों का पक्ष रखने के लिए राज्यों में विशेष लोक अभियोजकों के नए पद सृजित।
– वैज्ञानिक जांच के लिए सभी पुलिस थानों और अस्पतालों में विशेष फॉरेंसिक किट।
– रेप की जांच को समर्पित पुलिस बल होगा, जो समय सीमा में जांच कर आरोप पत्र अदालत में पेश करेगा।
– क्राइम रिकार्ड ब्यूरो यौन अपराधियों का डेटा तैयार करेगा, इसे राज्यों से साझा किया जाएगा।
– पीड़ितों की सहायता के लिए देश के सभी जिलों में एकल खिड़की शुरू की जाएगी।
– नाबालिग के साथ दुष्कर्म के केस को कुल 10 महीने में खत्म करना होगा।
– दो महीने में ट्रायल पूरा करना होगा, अपील दायर होने पर 6 माह में निपटारा।