फर्जी वोटर कार्ड बनाने का भंडाफोड़, BJP-कांग्रेस एक दूसरे पर लगा रहे आरोप

बेंगलुरुः कर्नाटक में विधानसभा चुनाव को लेकर जहां चुनाव प्रचार का शोरगुल मचा हुआ है वहीं, दूसरी तरफ राज्य में चुनाव से पहले एक सनसनीखेज खबर आई है। बेंगलुरू के जलाहल्ली इलाके के एक घर से करीब 10 हजार फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाने का भंडाफोड़ हुआ है। जिससे प्रशासन से लेकर चुनाव आयोग तक में हड़कंप मच गया है।

 

जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने यहां पर 9746 वोटर आईडी कार्ड बरामद किए। इस मामले में चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज करवाई है, वहीं जांच अभी भी जारी है। बता दें कि, ये सारी फर्जीवाड़ी दक्षिण बेंगलुरु की विधानसभा सीट राज राजेश्वरी नगर से एक घर से मिली है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि हमने मौके पर एक टीम भेजी थी। इसने फ्लैट की जांच की। जहां से पांच लैपटॉप और एक प्रिंटर मिला। इस सीट में 4 लाख 35 हजार 439 वोटर हैं। मामला सामने आने के बाद बीजेपी ने इस सीट पर चुनाव रद्द करने की मांग की है।

 

दूसरी ओर मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार कर रहे है। बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस उम्मीदवार के फ्लैट से फर्जी वोटर आईडी मिले हैं। बीजेपी नेता सदानंद गौड़ा ने आरोप लगाया है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे राजराजेश्वरी नगर से कांग्रेसी उम्मीदवार मुनिरत्ना नायडू का हाथ है। कर्नाटक की जनता औऱ चुनाव को बदनाम करने के आरोप में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर का इस्तीफा मांगा। बीजेपी ने बादामी से सिद्धारमैया का नामांकन रद्द करने की भी मांग की है।

 

इस मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की भी बात कही है। फिलहाल पुलिस ने इस सभी वोटर कार्ड को अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

 

बता दें कि, कांग्रेसी उम्मीदवार मुनिरत्ना यहां से वर्तमान विधायक भी हैं। वहीं, बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि जिस फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड बरामद हुए हैं वो फ्लैट मंजुला नंजामुरी का है, जो कि बीजेपी से है।