तमिलनाडुः 2004 की सुनामी के बाद सबसे बड़ी तबाही बना गाजा तूफान, हो रही खाने की किल्लत

cyclone gaja

तमिलनाडु: साल 2004 में तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में तूफान आया था। जिसमें भारी तबाही हुई थी। इशके बाद इस साल गाजा अब तक सबसे बड़ी प्रलयकारी तूफान माना जा रहा है। हालांकि इस बार सुनामी जैसी तबाही नहीं हुई, लेकिन काफी नुकसान जरूर हुआ है।

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गुरुवार देर रात चक्रवाती तूफान गाजा तमिलनाडु के नागपट्टनम और वेदरन्नियम तट से टकराया। इस दौरान तूफानी हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही। गाजा के असर से कई जिलों में भारी बारिश हुई। मुख्यमंत्री पलानीसामी ने बताया कि, हादसों में 23 लोगों की मौत हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने 81 हजार लोगों को तटीय इलाकों से हटाकर 471 राहत शिविरों में भेजा है।

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हुई है भारी तबाही

हालांकि, शुक्रवार शाम तक तूफान का कमजोर असर देखा गया। जिससे थोड़ी राहत मिली है। करीब 110 किलो प्रति घंटा की स्पीड वाले गाजा तूफान के कारण राज्य के कई जिलों में करीब 13 हजार ट्रांसफॉर्मर गिर गए जबकि 5 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। मौसम विभाग की माने तो, चक्रवातीय तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले छह घंटे में कमजोर पड़ने की संभावना है।

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तूफान की वजह से नागापट्टनम, तिरुवरुर, कराइकल, त्रिची और वेदारण्यम में कई जगहों पर बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए है। फसल बर्बाद हो गए और बड़ी संख्या में घर भी तबाह हुए है। शुरूआती अनुमान के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं। शर्मनाकः पुलिस वाले की दरिंदगी, कहा- पहले मैं रेप कर लूं, फिर मार देना जान से

राज्य सरकार की हो रही तारीफ

बता दें कि, राहत की बात रही कि, तूफान आने की जानकारी मौसम विभाग ने राज्य सरकार को पहले ही दे दी थी। जिससे काफी हद तक इससे बचाव कर लिया गया। वहीं, विपक्षी नेता के एमके स्टालिन ने भी तमिलनाडु आपदा प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की है। आपदा को लेकर राज्य सरकारी की तैयारियों को उन्हें अपना समर्थन दिया है।

खाने की हो रही किल्लत

फिलहाल, राज्य सरकार ने तूफान के स्तर को देखते हुए 471 रिलीफ केंद्र बनाए जिसमें 81,948 पीड़ित लोगों को रखा गया है। इसके अलावा 216 मेडिकल टीम भी बनाई गई, जहां पर 405 एंबुलेंस को स्टैंडबाई के रूप में तैनात किया गया है। लेकिन इन राहत शिविरों में लोगों को खाने की किल्लत देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, नागापट्टनम के एक स्कूल विद्धा आश्रम स्कूल में बनाए गए केंद्र में कल रात खाना समय से नहीं पहुंचा जिस कारण बच्चों को रात साढ़े 11 बजे के बाद ही खाना खाने के लिए मिला। खराब हैंडराइटिंग के चलते नप गया डॉक्टर, हाईकोर्ट ने ठोका 5 हजार का जुर्माना

10-10 लाख का मुआवजा

वहीं, तूफान के कारण मारे गए 13 लोगों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपए के मुआवजा का एलान किया गया है। जबकि गंभीर रूप से घायलों को राज्य सरकार 1-1 लाख रुपए और मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपए की राहत दी जाएगी।

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