छुट्टा आवारा जानवरों से आजिज आये ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय बाउंड्री में बंद किये हजारों की संख्या में जानवर

अमेठी से राज कुमार जायसवाल की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अमेठी में करोड़ों की लागत से बने पशु आश्रय स्थल बेमानी साबित हो रहे है। सरकार द्वारा आवारा जानवरों से किसानों को मुक्ति पाने के लिए जिले के हर ब्लॉकों में कई कई पशु आश्रय स्थल बनवाये गए जिसमे आवारा जानवरों को लाकर रखने व उनके चारे पानी के लिये कर्मचारी भी रखे गए लेकिन भ्रष्टाचार यहां भी पीछा नहीं छोड़ रहा है। कर्मचारी अपने में मस्त हैं और जानवर किसानों की फसलों को खाने में मस्त हैं। आये दिन सड़क दुर्घटनाएं भी इन्ही की वजह से हो रही हैं।

सड़क पर फर्राटा भर रहे वाहनों के सामने कब और कहाँ से सामने आ जाएं, कोई भरोसा नहीं है। झुंड बनाकर सड़कों पर बैठना या टहलते रहने से शाम व रात में दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ जाती है। कभी कभी ये दौड़ा कर हमला करने में भी नहीं चूकते है।

इन्ही समस्यायों को लेकर ग्रामीणों ने हजारों की संख्या में आवारा जानवरों को लेकर भेटुआ ब्लॉक के पशु चिकित्सालय बाउंड्री के अंदर बन्द कर दिया। वहाँ पर लाये जाने वाले गायों की स्थिति इस कदर दयनीय थी कि लाये जाने के कुछ देर बाद कुछ गोवंश मर गई। इतनी ज्यादा संख्या में जानवरों के इकट्ठा होने की सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

एसडीएम अमेठी ने कहा कि शीघ्र ही गाड़ियों को भेजकर उन्हें पशु आश्रय स्थल छोडवाने की व्यवस्था की जा रही है।

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