जिलाधिकारी ने द्वितीय संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

अमेठी से राज कुमार जायसवाल की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अमेठी में जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि संचारी रोगों तथा डेगू और मलेरिया बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा इनका त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसके लिए अंतर्विभागीय सहयोग से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई, तक चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को पूर्ण मानक और निष्ठा के साथ संचालित करना सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक लोगों के जीवन की सुरक्षा की जा सके। जिलाधिकारी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचारी रोग नियंत्रण अभियान- द्वितीय चरण को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से चतुर्थ अंतर्विभागीय समन्वय समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ संचारी एवं वैक्टर रोग हमारे लिए एक चुनौती के रूप में उभरे हैं। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि हमने इस चुनौती को स्वीकार किया है और इस पर विजय प्राप्त करने के लिए अंर्तविभागीय समन्य के साथ कार्य योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत कुल 12 विभाग जैसे- स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, महिला एंव बाल विकास, नगर निकाय सहित अन्य संबंधित विभागों को शामिल किया गया है, जो आपस में सामंजस्य स्थापित कर परस्पर सहयोग करते हुए एक टीम के रूप में कार्य कर इस अभियान को शत प्रतिशत रूप से सफल बनाने का प्रयास कर रहे है ताकि जिले से संचारी रोगों जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एएनएम एवं आशाओं को अपने स्तर से निर्देशित करें कि वे अपने कार्य क्षेत्र में घर-घर जाकर जन सामान्य को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें, क्योंकि संचारित रोगों का मुख्य कारण गंदगी होता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संचारी रोग उन्मूलन सहित शासन द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं एंव कार्यकमों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करना सुनिश्चित करें ताकि जन सामान्य भरपूर लाभ प्राप्त कर सकें। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जो कुपोषित बच्चे उन्हे इस अभियान के दौरान मिले है उन्हे संचारी रोगो से बचाया जाये और जो बच्चे अतिकुपोषित है, उन्हे एन0आर0सी में भर्ती कराया जाये। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सभी गांव में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई का कार्य निरंतर कराते रहें। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में 10-10 हैंडपंपों के पानी की जांच करें तथा जिस हैंडपंप में पीने योग्य पानी है उसमें हरे रंग का निशान तथा जिस हैंडपंप में पीने योग्य पानी नहीं है उसमें लाल रंग का निशान जरूर लगाएं। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी स्कूलों में संचारी रोग के बारे में बच्चों को जागरूक करें तथा इससे संबंधित पोस्टर/पंपलेट भी वितरित कराएं। उन्होने बताया कि 1 जुलाई से 31 जुलाई, 2019 तक संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए अभियान चलाया जा रह है। इसी के साथ उन्होने सभी नगर पालिका एवं पंचायतों में सघन फोगिंग/छिडकाव अभियान जारी रखने के निर्देश दिए ताकि संक्रामक विशेष रूप में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे संचारी रोगों से बचाव सम्भव हो सके। इस अवसर पर संचारी रोग एवं वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. राम प्रसाद ने बैठक का संचालन करते हुए विस्तार से संचारी रोगो से बचाव एवं सुरक्षा के उपाय के साथ अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एव प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.एम. श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी बंशीधर सरोज, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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