अमेठी में दलितों का दमन जारी,ढहा दिया बुजुर्ग दलित का आशियाना

उत्तर प्रदेश के अमेठी में बेहद गरीब और तंगहाली में जी रहे दलित बुजुर्ग की सरकारी कालोनी दबंगों को रास नहीं आई। आरोप है कि दबंगो ने पुलिस की शह पर दलित बुजुर्ग का आवास दिन दहाड़े जमीदोज कर दिया, साथ ही बुजुर्ग से अभद्रता कर विभिन्न प्रकार की धमकी भी दी जिसके बाद अब बुजुर्ग ने जिले के डीएम व पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही किये जाने की गुहार लगाई है, इससे तो यही प्रतीत होता है कि अमेठी पुलिस के लिए सूबे के सन्त मुख्यमंत्री और पुलिस मुखिया की रामराज वाली मंशा कोई मायने नहीं रखती शायद यही वजह है कि पुलिस पीड़ित को न्याय मुहैया कराने के बजाय दबंगों के आगे नतमस्तक है ।

अमेठी में दिन दहाड़े दिखा दबंगो का तांडव-

शिकायत के अनुसार के अनुसार मुसाफिरखाना कोतवाली अन्तर्गत महेशपुर गांव निवासी सोमई कोरी (लगभग 70 वर्ष)
सुत शिवराज कोरी को वर्षो पूर्व पुश्तैनी सरकारी आवास मिला था इसी आवास में सोमई छोटी मोटी दुकान चलाकर अपना पेट पालता था सोमई ने आरोप लगाया कि बीते 12 जून को गाँव के ही दबंग विपक्षीगण सूरज यादव सुत कमला यादव और कमला यादव सुत भया यादव ने 10-12 युवकों को बाहर से बुलाकर उनके सरकारी कालोनी को दिन दहाड़े जमीदोज कर दिया और कुछ चीजें उठा ले गए जिससे घर में रखा सारा सामान और दुकान सहित जीवन भर की कमाई नष्ट हो गई ।

शिकायत की तो होंगेे गम्भीर परिणाम की भी दी धमकी

यही नही विपक्षियों दबंगो ने विभिन्न प्रकार की जाति सूचक गंदी गंदी गालियां भी दी और धमकी भरे लहजे में कहा कि किसी प्रकार की कार्यवाही की तो परिणाम गम्भीर होंगे,इसे हिदायत समझो,सलामती इसी में है। इतना ही नहीं, आरोप है कि दबंगों ने जान से मारने की भी धमकी भी दी।

पुलिस पर लगाया गम्भीर आरोप-

घटना के बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत पर उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना से की तो उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना से एसएचओ  मुसाफिरखाना से कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया जिसके बाद एक एसआई मय हमराही मौके पर पहुंंचे और आरोपियों को समझाने के बजाय उल्टे पीड़ित को ही धमकाया और विपक्षियों से काम में तेजी लाने को कहते हुए कहा कि इसे दौड़ने दो ।

उच्चाधिकारियो से लगाई न्याय की गुहार-

पुलिस के इस कृत्य दुःखी होकर पीड़ित ने जिले के डीएम व एसपी से अपने जान माल की गुहार लगाते हुए दबंगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है उसका कहना है कि उसे अब इलाकाई पुलिस पर भरोसा नहीं है जिससे पीड़ित ने इस घटना की जांच मुसाफिरखाना पुलिस से न कराकर किसी अन्य से कराने की भी मांग की है ।

अमेठी से राज कुमार जायसवाल की रिपोर्ट

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