खसरा बनाने के नाम पर लेखपाल द्वारा लिया जाता है मनमाना पैसा

एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिये पूरा जोर लगा दिया है तो वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के गौरीगज तहसील में भ्रष्टाचार  चरम पर चल रहा है।
यहां तहसील में तैनात लेखपाल किसानों की जमीन का खसरा बनाने के नाम पर 30 रुपये प्रति खसरा वसूल रहे हैं जबकि सरकारी वैधानिक शुल्क मात्र 2 रुपये है।

मामला उक्त तहसील के गौरा पूरब कटारी संभई गांव का है जहां के लेखपाल चंद्र देव पांडे हैं जो अपने मूल निवास स्थान कुमारगंज से रोज आते जाते हैं जबकि शासनादेश है कि लेखपाल अपने हल्के के गांव में ही निवास करें।

मामला मोहित कुमार सुत रामसनेही गांव राजा सरनाम सिंह पोस्ट संभई जामो अमेठी से जुड़ा है । मोहित कुमार को जिला मुख्यालय बुलाकर नकल का पैसा लिया जा रहा है । खसरे का कागज मोहित कुमार ने स्वयं के पैसे से खरीद कर लेखपाल को दिया था। लेखपाल महोदय उस कागज पर खतौनी से देख कर के मोहित कुमार के द्वारा लाए गए 3 खसरे के कागज पर लिख कर के और हस्ताक्षर कर देने का यह 60 रुपये ले रहे हैं जो पूरी तरह से गैरकानूनी व भ्रष्टाचार है।

अब देखना ये है कि जिला प्रशासन इन पर क्या कार्यवाही करता है।

अमेठी से अशोक श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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