*सड़कों पर गायों का जमावड़ा दर-दर ठोकरें खा रही है गोवंश

*सड़कों पर गायों का जमावड़ा दर-दर ठोकरें खा रही है गोवंश*

जिला आगर मालवा कानड़ / वैदिक काल से ही गाय भारतीय धर्म संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक रही है यह मान्यता हे की गाय माता के शरीर में 33 करोड़ देवी देवताओं का निवास होता है जिसका वर्णन देश के समस्त धर्म ग्रंथों और पुराणों में भी मिलता है स्वयं वेद भी गो को नमन करता है शास्त्र अनुसार गाय से धर्म अर्थ काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थी की सिद्धि होती है इसीलिए गोरक्षा हिंदू धर्म का प्रधान अंग माना जाता है लेकिन वर्तमान समय में गोपालक दूध देती गाय को तो घर में रखते हैं और जेसे ही दूध देना बंद कर करती हे वेसे ही लावारिस की तरह सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ देते हैं कई गोपालक ऐसे भी है जो सुबह शाम गाय का दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर आवारा घुमने के लिए छोड़ देते हैं ऐसे ही सड़कों पर व खेतों में चलने के लिए पहुंची गौ माताओं को हर कोई लाठी चला कर भगा रहा है ऐसा ही वाक्य नगर मे देखने को मिला जहां सैकड़ों की संख्या में एक श्कस गायों को लेकर नवीन बस स्टैंड की ओर आ रहे थे गायों की रक्षा करने का दम भरने वाले तथाकथित गौरक्षक मात्र राजनीतिक रोटियां से इस समस्या को लेकर आंखें मूंदे बैठे हैं कानड़ नगर में भी सड़कों पर चारों और गायों का जमावड़ा दिखाई दे रहा है गाय को अपनी माता तुल्य मानने वाले गो पालको द्वारा छोड़ी गई सैकड़ों गाये सड़कों पर लावारिस हालात मे यहां वहां भटक रही है बारिश होते हुए भी लावारिस कहलाने वाली इन गायो ने नगर के प्रमुख चौराहों सड़कों व गलियों में कब्जा कर रखा है जिनके कारण जहां पैदल चलने वाले नागरिकों विशेषकर महिलाओं व स्कूली बच्चों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है वहीं इसके कारण आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही है यह गाय जब सड़कों पर लगी दुकानों में मुंह मारती है तो गौ भक्त इन पर लाठियां चलाने से नहीं चूकते हैं


*सड़कों पर गायों का लगा रहता है जमावड़ा*–
नगर में लावारिस पशुओं की संख्या में दिनोंदिन वृद्धि हो रही हे
पर इस और किसी का भी ध्यान नहीं होने के कारण यह मवेशी राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं ऐसा ही नजारा पिछले कुछ वर्षों से नगर की सड़कों पर दिखाई देना आम बात हो गई है सेकड़ों की तादात मे गाये सड़कों पर लावारिस की भांति यहां वहां भटक रही है
इन लावारिस कहलाने वाली इन गायों ने नगर के प्रमुख चौराहों सड़कों व गलियों में अपना कब्जा जमा रखा है जिसके कारण आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटना भी हो रही है सड़कों पर गायो के स्वच्छंद विचरण से नगर में चहूंओर गंदगी फैल रही है जिसे कारण बीमारियां भी पैर पसार रही है
“कहां चली गई गौ सेवा”–जहां एक तरफ गाय माता के नाम पर गौशाला चलाने वाले लोगों को सरकार कई बीघा जमीन देती है और साथ में चारा पानी का भी खर्चा भी देती है और
समाजसेवी संगठनों द्वारा भी गाय के नाम पर दान भी दिया जाता है फिर भी गाय माता लावारिस की तरह या वहां घूम रही है एसे में कहा चली गई इन लोगो की गौ माता के प्रति सेवा| यह बात विचारणीय है
थिंक मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट
जिला आगर मालवा कानड़ से संवाददाता गोवर्धन कुम्भकार

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