भारत के चौथे स्तम्भ वरिष्ठ पत्रकार के सी शर्मा को मिली धमकी और विभागीय कायर्वाही अभी तक नही हुआ क्यों

पत्रकार एवं भाजपा नेता के सी शर्मा को धमकी दिलाने के पीछे इलाके के जेई और शराब कारोबारियों का तो हाथ नहीं ?

*शक्तिनगर।सोनभद्र*

देश की उर्जाधनी कहे जाने वाले जनपद सोनभद्र के शक्तिनगर में 33/11,kv, विद्दुत सब स्टेशन खडिया से परियोजना व गैरपरियोजना क्षेत्र में विजली आपूर्ति की जाती है।

इस वर्ष पूरे गर्मी भर बिजली के बेपटरी हो जाने से बिजली कटौती खूब जम के होती रही, जिसका सिलसिला वर्तमान तक जारी है।
क्षेत्र की लाखों जनता इसका खामियाजा उठाते हुए महीनों से त्रस्त हैं , फिर भी विजली बिभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कान में जू तक नही रेंगा।

*कब से शुरू हुआ समाचार लिखने का सिलसिला!*

विगत महीने शक्तिनगर परिक्षेत्र में खडिया के समीप अर्धरात्रि में कबाड़ चोरों ने चलती लाईन ट्रिप कर तार और पोल काट लिए थे।
जिसके चलते लगातार 3 दिनों तक क्षेत्र में पूरीतरह बिजली आपूर्ति ठप्प रही,जिसकी रिपोर्ट भी शक्तिनगर थाने में जे ई द्वारा दर्ज कराई गई थी,जिसमे अभी तक किसी की गिरफ्तारी नही होसकी है।
तभी से बिजली के बेपटरी होने और बिजली विभाग के भृष्ट काले कारनामो को उजागर करने के लिए समाचार लिखने का सिलसिला इस प्रतिनिधि ने शुरू किया था जो अभी तक जारी है और आगे भी इस विभाग के काले कारनामो को उजागर करने का सिलसिला जारी रहेगा और इनके काले पतित चेहरे से नकाब उतारता रहेगा।

*क्यो घूम रही हैं शक की सुई “जे ई” और शराब कारोबारियों पर?*

जब कबाड़ियों ने पोल और तार काट बिजली आपूर्ति बाधित किया था ,तब भी हमने जेई और विजली कर्मियों के कबाड़ियों के साथ गठजोड़ होने की आशंका व्यक्त किया था।
तब से लेकर धमकी दीए जाने तक दर्जनों स्टोरी मेरे द्वारा लिखी जाचुकि गयी हैं जो देश के तमाम समाचार पत्रों व वेबपोर्टल पर प्रकाशित होती रही हैं।
लेकिन “शराब और विजली के मुफ्तखोरी का गठजोड” शीर्षक से खबर प्रकाशित होते ही महीनों से चली आरही वौखलाहट गाली- गलौज और धमकी पर आही गई।

उपरोक्त पर शक की सुई इस लिए घूम रही है कि एक अदना सा कर्मचारी स्वयं से इस तरह की जुर्रत बगैर किसी विभागीय अधिकारी और अन्य के संरक्ष्ण के बगैर इतना बड़ा दुस्साहस करने का हिम्मत स्वयं में नही कर सकता, वह भी जो सप्ताह भर पहले इस क्षेत्र में स्थान्तरित हो कर आया हो?
फिर शराब की दुकानों पर जल रही “विजली वैध हैं या नही”?
के प्रकाशित होने के 24 घण्टे अंदर ही बौखलाहट धमकी में कैसे अचानक बदल गयी?
इस आधार पर शक की सुई जेई और शराब करोबारियो की ओर घूम रही है।
इन शराब कारोबारियों में भी नामचीन राजनीति और जरायम की दुनिया पकड़ रखने वाले शख्सियत है।
जीनके सह और संरक्ष्ण पर ही यह धमकी दी गयी हो सकती है, वरना क्षेत्र के वरिष्ठ सत्ता पार्टी के नेता व पत्रकार को धमकी देने का क्या मजाल हो सकता है जो किसी के गले नही उतर रहा है।

इसी गठजोड़ के रहस्य के पर्दे को उठाना अभी बाकी हैं।
जो जांच के बाद ही सामने आएगा।

*क्यो नही हुई अभीतक विभागीय या प्रशासनिक कर्यवाही*!

अभी तक विभागीय या प्रशासनिक कार्यवाही नही होना ही शक को और पुख्ता करता हैं, कही न कही उक्त कर्मचारी को विभागीय व बाहरी संरक्ष्ण प्राप्त था।
जिसकी गहराई से जांच होने की आवश्यक्ता हैं।
जिससे सारे तथ्य स्पष्ट हो
सके।

*शराब दुकानों में चलते हैं डिफ्रिजरआदि!*

इस क्षेत्र के शराब कारोबारियों के अड्डे पर दशको से जल रही बिजली की वैधता की जांच कराई जाए तो स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी।
कि डिफ्रिजर सहित अन्य फ्रिज आदि पर कितने किलोवाट बिजली खपत होती रही होगी और पिछले एक दशक में इन्होंने कितनी बिल जमा की है।जिसकी जांच होनी आवश्यक हैं।
यही लाखो के बिजली चोरी और क्षेत्र में चरमराई बिजली की व्यवस्था जो विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गई है, जिस पर कलम से चोट करने के चलते ही कलमकार को सुनियोजित धमकी देने की दुस्साहस की गई है।
जो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की कहावत चरित्रार्थ कर रही हैं।
देखते चलिये अभी आगे क्या क्या होता है?

*”राष्ट्रीय संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ”( AIUWJU)*
ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया सूबे के मुख्य मंत्री व विभागीय ऊर्जामंत्री का इस और ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करा कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

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