निपाह वायरसः जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीकें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने जांच के बाद इस पर मुहर पर मुहर लगा दी है कि, केरल में अचानक से हुई मौतों की वजह निपाह वायरस है। जिसके साथ ही राज्य सरकार ने इससे बचाव के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है। बता दें कि, इस वायरल के शुरूआती लक्षण केरल में ही देखे गए हैं। ये वायरस फलों और चमगादड़ो से फैलता है।

 

बता दें कि, जितने भी लोगों की मौत हुई है उनमेंसे अधिकतर लोग खजूर की खेती करते थे। आम तौर पर ये चमगादड़ों के लार से फैलता है और चमगादड़ खजूरों के पेड़ में ज्यादा रहते हैं।

 

बता दें कि, इससे पहले भी इस वायरल का प्रकोप देखा जा चुका है। साल 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में इस वायरस ने 45 लोगों की जान ली थी।

 

कैसे होता है निपाह वायरस-

– भूख और तनाव से ग्रस्त चमगादड़ों में एक ऐसा टिपिकल बायोलॉजिकल स्टेज तैयार हुआ है जिसकी वजह से उनमें निपाह वायरस का संक्रमण होता है।

– चमगादड़ जीव विज्ञान के वर्गीकरण के लिहाज से पटेरोपस जीनस और पटेरोपोडियाडे परिवार के तहत आते हैं।

 

निपाह वायरस क्या है?

– ये तेजी से उभरने वाला वायरस है, जो जानवरों और मनुष्यों में गंभीर बीमारी फैलाता है।

– वायरस को पुराने चमगादड़ ले जाते हैं, जिन्हें फ्रूट बैट भी कहा जाता है।

– सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, निपाह वायरस का इन्फेक्शन इन्सेफलाइटिस से जुड़ा है, जिसमें दिमाग को नुकसान होता है।

 

लक्षण

– 3 से 14 दिन तक तेज बुखार

– सिरदर्द

– सांस लेने में समस्या

– दिमाग में सूजन

– मांसपेशियों में दर्द होना

 

बचाव

– पेड़ से गिरे या काफी गल गये फलों को खाएं

– उस व्यक्ति के नजदीक न जायें, जो इस वायरस से पीड़ित हो

– वायरस की वजह से जिनकी मौत हुई हो, उनके शव से दूर रहें

– बताए गए किसी भी लक्षण जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।