ग्राम पंचायत खंडहर में मुख्यमंत्री आवास की सूची में पात्रों का नहीं है नाम आपात्रों को मिल रहे आवास अपात्रों के खाते में आ गया पैसा अभी तक नहीं हुई कोई जांच


संतोष तिवारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भले ही लाख दावे कर रहे हो कि भाजपा की सरकार आने के बाद घोटाले कम हो गए हैं पर जब आज भी बात आती है ग्राम पंचायतों की तो सारा मामला पानी की तरह साफ नजर आता है

मुख्यमंत्री आवास देते समय भी आरक्षण का हवाला दिया जाता है, और यह आवास मिलता भी उन्हें हैं जिनको कम से कम एक या दो बार आवास मिल चुके होते हैं

इस बार हम आपके सामने जो मामला लेकर आए हैं वह जनपद अमेठी के भेंटुआ ब्लाक के अंतर्गत आने वाली खंडहर ग्राम सभा का है जहां पर पात्रों को तो आवास मिलता ही नहीं और जिन को मिलता है या तो सरकार से उनको पहले आवास मिल चुका होता है या फिर उनका पक्का मकान बना होता है

इसी कड़ी में 2020 – 21 आवास सूची में जो पात्र हैं उनका तो कहीं नाम ही नजर नहीं आता और जांच के नाम पर वही कहानी दोहराई जाती है

ना तो कभी विकास खंड अधिकारी भेंटुआ , ना ही एडीओ पंचायत खंडहर ग्राम सभा में आते हैं और ग्राम विकास अधिकारी अतुल सिंह के तो क्या कहने उनका बस चले तो अपात्र लोगों को सर आंखों पर बिठा ले जब पात्र उनके पास या जाने जाते हैं कि सर सूची में हमारा नाम भी है कि नहीं तो वह या बताना भी जरूरी नहीं समझते जितने भी अपात्र हैं या फिर उनको आवास मिल चुका है जब उनकी बात आती है तो ग्राम प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि जब उनको आवास मिला था तब प्रधानमंत्री आवास या फिर इंदिरा आवास में पैसा बहुत कम आता था इसलिए उन्हें दोबारा आवास दिया जा रहा है अभी तक ग्रामसभा खंडहर में जिन 15 लोगों को मुख्यमंत्री आवास देना निश्चित किया गया है लगभग उनमें से 10 लोगों के पास तो खुद का पक्का मकान या फिर प्रधानमंत्री या इंदिरा आवास उनको मिल चुका है पर ग्राम पंचायत चुनाव को मद्देनजर देखते हुए आवास पात्रों को मिले या ना मिले इससे कोई फर्क नहीं पड़ता पर आपात्रों को आवास जरूर मिलना चाहिए यह ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान की सोच बन गई है जिस पर बहुत तेजी के साथ काम भी किया जा रहा है